छोटे-बड़े कारोबार में क्यूआर कोड बना पसंदीदा माध्यम, हिसाब रखना भी हुआ आसान
संवाद न्यूज एजेंसी
बिझड़ी (हमीरपुर)। बदलती तकनीक के साथ लोगों का रुझान डिजिटल भुगतान की ओर तेजी से बढ़ रहा है। अब नकद भुगतान की तुलना में ऑनलाइन लेनदेन को अधिक प्राथमिकता दी जा रही है।
स्थानीय व्यापारियों के अनुसार बाजार में करीब 70 फीसदी भुगतान डिजिटल माध्यमों से किया जा रहा है। मॉल से लेकर छोटी चाय की दुकानों तक क्यूआर कोड के जरिए भुगतान का चलन लगातार बढ़ रहा है।
डिजिटल भुगतान से लोगों का समय बचा है और लेनदेन प्रक्रिया भी आसान हुई है। बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए यह व्यवस्था काफी सुविधाजनक साबित हो रही है। इससे भुगतान और प्राप्त राशि का रिकॉर्ड तुरंत उपलब्ध हो जाता है तथा हिसाब-किताब रखना भी सरल हो गया है।
बैंक जाने की जरूरत कम होने के साथ ही दूसरे राज्यों से सामान मंगवाने और उसका भुगतान करने में भी ऑनलाइन माध्यम मददगार साबित हो रहा है। हालांकि, छोटे दुकानदारों के सामने कुछ परेशानियां भी आ रही हैं।
दुकानदारों का कहना है कि नकद भुगतान करने वाले ग्राहकों को खुले पैसे लौटाने में दिक्कत होती है, क्योंकि बाजार में छोटे नोटों का प्रचलन पहले की तुलना में कम हो गया है।
वहीं, स्कूल और कॉलेजों की फीस ऑनलाइन जमा होने से भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक हुई है। लगातार बढ़ते डिजिटल लेनदेन से बाजार में भुगतान के तौर-तरीकों में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।
लगभग 70 फीसदी भुगतान डिजिटल माध्यम से होता है। इससे नकदी गिनने, खुले पैसे देने और बैंक में रकम जमा कराने की परेशानी काफी कम हो गई है।
- रजनीश कुमार, प्रोविजन स्टोर संचालक, बिझड़ी
समय परिवर्तन के साथ डिजिटल लेन-देन अधिक हो गया है। युवा वर्ग छोटी-छोटी रकम की अदायगी भी ऑनलाइन कर रहा है। इससे बाजार में नोटों की कमी आ रही है। अगर कोई नकदी मांगता है तो दिक्कतें पेश आती हैं।
-राजेश शर्मा, दुकानदार, बिझड़ी
रजनीश कुमार, प्रोविजन स्टोर संचालक