बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में मिल रही सुविधा
बुजुर्ग, दिव्यांग, बीमार श्रद्धालुओं के लिए लगाई गई है टैक्सी
मंदिर ट्रस्ट ने किया है पांच टैक्सियों का प्रबंध
बैरियर नंबर एक से लेकर गेट नंबर पांच तक पहुंचाए जा रहे श्रद्धालु
मंदिर ट्रस्ट ने बजट में रखा था 10 लाख रुपये का प्रावधान
संवाद न्यूज एजेंसी
बिझड़ी (हमीरपुर)। बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट की ओर से बुजुर्गों, दिव्यांगों और बीमार लोगों के लिए दिन-रात टैक्सियां चलाई जा रही है। यह टैक्सियां निशुल्क चलाई जा रही हैं। हर रोज सैकडों श्रद्धालु ट्रस्ट की ओर से संचालित इस योजना का लाभ ले रहे हैं। मंदिर ट्रस्ट की ओर से इस योजना के लिए 10 लाख के बजट का प्रावधान किया गया है। इन दिनों बाबा बालक नाथ मंदिर में चैत्र मेले चले हुए हैं। मेलों में हर रोज देश-विदेश से हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर में शीश नवाने पहुंच रहे हैं। इनमें कई श्रद्धालु दिव्यांग होते हैं तो कई बुजुर्ग और बीमार भी होते हैं। ऐसे में इन श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मंदिर ट्रस्ट ने ऐसे श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए फ्री टैक्सी सेवा शुरू की। अब इस सुविधा का लाभ मंदिर में पहुंच रहे श्रद्धालुओं को मिल रहा है।
मंदिर अधिकारी धर्मपाल नेगी ने कहा कि मंदिर ट्रस्ट ने पांच टैक्सियां भाड़े पर ली हैं। यह टैक्सियां श्रद्धालुओं को बैरियर नंबर एक से लेकर पांच नंबर गेट तक छोड़ रही हैं। मंदिर ट्रस्ट ने इस के लिए 10 लाख के बजट का प्रावधान किया है। हर रोज सैकड़ों श्रद्धालु इसका लाभ ले रहे हैं। दो टैक्सियां दिन के समय जबकि दो टैक्सियां रात के समय चलाई जा रही हैं। इन टैक्सियों को ट्रस्ट की ओर से बाकायदा परमिट जारी किए गए हैं। यदि कोई श्रद्धालु अपनी निजी गाड़ी को ऊपर बाजार में लेकर जाना चाहता है तो उसे इसके लिए परमिट लेना पड़ता है।
दो दिन में पचास लाख से अधिक चढ़ावा
बिझड़ी(हमीरपुर)। बाबा बालकनाथ मंदिर दियोटसिद्ध में मंगलवार को मंदिर में चढ़ावे की गणना में रविवार और सोमवार को 50 लाख 12 हजार 370 रुपये की नकदी चढ़ाई गई। इसके अलावा 17 ग्राम 840 मिलीग्राम सोना, 233 ग्राम 810 मिलीग्राम चांदी और विदेशी मुद्रा के रूप में इंग्लैंड के 330 पौंड, यूएसए के 976, कनाडा के 180, ऑस्ट्रेलिया के 350, न्यूजीलैंड के 365 डॉलर, कत्तर के 700, सउदी अरब के 05 रियाल, कुवैत के 03, बहरीन के 03 दीनार, यूएई के 40 दिरहम के अलावा 770 यूरो मुद्रा मंदिर में चढ़ावे के रूप में चढ़े।