एनएफएसए (नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट) के तहत राशन डिपुओं में मिलने वाली राशन के कोटा में भारी कटौती हुई है। एनएफएसए परिवारों को प्रतिमाह 25 किलोग्राम गेहूं का कोटा मिलता है। इसे घटाकर अब महज पांच किलोग्राम कर दिया गया है। इससे प्रदेश के हजारों राशनकार्ड धारकों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इन सभी राशनकार्ड धारकों को दिसंबर और जनवरी माह में भी महज पांच किलोग्राम गेहूं का कोटा मिल पाया है।
प्रदेश भर में कुल 1,91,715 एनएफएसए राशनकार्ड धारक हैं। बिलासपुर में 18,980, चंबा में 329, हमीरपुर में 11,228, कांगड़ा में 52,271, किन्नौर में 1790, कुल्लू में 21682, मंडी में 38820, शिमला में 20381, सिरमौर में 8,008, सोलन में 3,020, ऊना में 14778 और लाहौल स्पिति में कुल 428 राशनकार्ड धारक शामिल हैं। सभी एनएफएसए राशनकार्ड धारकों को दिसंबर माह में गेहूं का पांच किलोग्राम कोटा मिल पाया है।
हालांकि, विभाग ने दिसंबर माह की 20 किलोग्राम का कोटा जनवरी में देने का हवाला दिया था, लेकिन जनवरी में भी उपभोक्ताओं को पांच किलो का ही कोटा मिल पाया है। इसके चलते डिपुओं में एनएफएसए के तहत उपभोक्ताओं को गेहूं का कोटा नहीं मिल पा रहा। इससे उपभोक्ता मजबूरन बाजार से महंगी दरों पर आटा खरीदने को मजबूर हैं।
केंद्र सरकार से गेहूं के कोटा में कटौती होने से गेहूं की सप्लाई प्रभावित हो रही है। प्रदेश भर के प्रति राशनकार्ड पर 25 किलो के बजाय पांच किलोग्राम का कोटा दिया जा रहा है।
- जेसी वर्मा, खाद्य आपूर्ति निरीक्षक, हमीरपुर