हमीरपुर। आईटीआई रैल में जल्द ही डाटा क्रिएटर और डाटा एनोटेटर कोर्स शुरू होंगे। कोर्स शुरू करने के लिए एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और डेटा साइंस लैब स्थापित की जाएगी।
इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की योजना के सहयोग से शुरू हुई योजना का उद्देश्य युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से लैस करना है। लैब में विद्यार्थियों को डाटा क्रिएटर और डाटा एनोटेटर जैसे उभरते क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे न केवल युवाओं की तकनीकी क्षमता बढ़ेगी, बल्कि उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर भी मिल सकेंगे।
अभी तक करीब पांच लाख रुपये का बजट आया है। प्रथम चरण में करीब 24 लाख का बजट आना बाकी है। कोर्स के लिए विद्यार्थियों के चयन की जानकारी अभी स्पष्ट नहीं हुई है। योजना के लिए लगभग 65 लाख रुपये की राशि तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके (फेज मैनर) से जारी की जाएगी।
आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए केंद्र सरकार फंडिंग प्रदान करेगी, जबकि फर्नीचर की व्यवस्था प्रदेश सरकार करेगी। इस पहल से क्षेत्र के विद्यार्थियों को नई तकनीकों के साथ काम करने का अवसर मिलेगा। वे डिजिटल युग की मांगों के अनुरूप खुद को तैयार कर पाएंगे।
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इमेल लेबलिंग और थ्रीडी पॉइंट क्षेत्रों में कौशल
एआई और डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच डाटा क्रिएटर और डाटा एनोटेटर विशेष कोर्स हैं, जो एआई मॉडल को प्रशिक्षित करने में मदद करते हैं। ये कोर्स इमेज लेबलिंग, टेक्स्ट, वीडियो और थ्री डी प्वाइंट क्लाउड जैसे क्षेत्रों में कौशल प्रदान करेंगे, जिससे एआई व मशीन लर्निंग की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सकता है।
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आईटीआई रैल में डाटा क्रिएटर और डाटा एनोटेटर कोर्स शुरू होंगे। यहां पर एआई और डाटा साइंस लैब तैयार हो रही है। तीन वर्षों में करीब 65 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
-कपिल ठाकुर, प्रधानाचार्य, आईटीआई रैल