फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस अधीक्षक अर्जित सेन ठाकुर और एसडीएम नादौन किरण बड़ाना शहर में कानून व्?
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हमीरपुर। लॉक डाउन का पालन न करने पर जिला प्रशासन ने अब जिला में पूरी तरह कर्फ्यू लगा दिया है। अब कोई भी व्यक्ति अपने घरों से बाहर नहीं निकल पाएगा। केवल मेडिकल इमरजेंसी में ही लोग निकटवर्ती अस्पताल जा सकते हैं। जिले की सीमाएं सील करने के अलावा अब शहर और गांव-गांव में भी पुलिस ने गश्त शुरू कर दी है। हमीरपुर शहर में जगह-जगह बेरिकेट्स लगाकर राहगीरों से पूछताछ की जा रही है। जिला दंडाधिकारी हरिकेश मीणा ने हमीरपुर जिले में पूर्ण बंदी के दौरान आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए समय सीमा निर्धारित करने संबंधी आदेश पारित किए हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने संबंधी निवारक और नियंत्रक उपायों के अंतर्गत यह आदेश जारी किए गए हैं।
आदेशों के अनुसार सभी तरह की किराना, दूध, सब्जियों, फल, कच्चा मांस-मछली इत्यादि की दुकानें प्रात: 7.00 बजे से 10.00 बजे तक खुली रहेंगी। स्थानीय दुग्ध विक्रेताओं को भी इसी समय अवधि में दूध की आपूर्ति करनी होगी। उन्होंने स्थानीय निकायों तथा नगर पंचायत क्षेत्रों में वार्ड स्तर पर दूध और सब्जियों की होम डिलीवरी (घर-घर आपूर्ति) करने के निर्देश विक्रेताओं को दिए हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी के समय एक-दूसरे से उचित दूरी बनाए रखें। दुकानदारों को अपनी दुकानों की साफ-सफाई तथा आगंतुकों/ग्राहकों के लिए सैनिटाइजर इत्यादि की समुचित व्यवस्था करने के आदेश दिए हैं। वहां तैनात स्टाफ को भी मास्क पहनने तथा व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति सजग रहना होगा। आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 34 के अंतर्गत जारी यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू समझे जाएंगे और आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेंगे।
अकेले व्यक्ति के लिए नगर परिषद पहुंचाएगा राशन
जिला दंडाधिकारी हरिकेश मीणा ने कहा कि नगर परिषद हमीरपुर के क्षेत्र में अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति घर तक पहुंचाने की व्यवस्था नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी करेंगे। नगर परिषद क्षेत्र में रहने वाले ऐसे वरिष्ठ नागरिक आवश्यक वस्तुओं के लिए जिला राजस्व अधिकारी के मोबाइल नंबर 9418301432 पर भी सुबह 10.00 बजे से शाम 5.00 बजे तक कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा एक-एक किलोग्राम आलू-प्याज और पांच-पांच किलोग्राम आटा व चावल की थैलियां बनाकर होम डिलीवरी पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि लोग बेवजह सड़कों पर नजर न आएं।