हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खरवाड़ में मरीज की जांच करते डॉ. ललित। संवाद
लदरौर (हमीरपुर)। सर्दियों के मौसम में घुटनों, जोड़ों के दर्द और जकड़न के मामले बढ़ गए हैं। इन समस्याओं के लिए कपिंग और हीट थेरेपी फायदेमंद साबित हो रही है।
उपमंडल भोरंज के तहत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (आयुर्वेदिक) खरवाड़ में रोजाना दो से तीन मरीजों की इस पद्धति से इलाज किया जा रहा है। खरवाड़ में हाल ही में यह पद्धति शुरू की गई है। खरवाड़ केंद्र में महीने में करीब 350 ओपीडी है। सर्दियों में इस पद्धति का प्रयोग अधिक होता है। सर्दियों में रोजाना चार से पांच मामले घुटनों के दर्द, जोड़ों के दर्द के आ रहे हैं। इनमें से दो से तीन का इलाज कपिंग व हिट थेरेपी से किया जा रहा है।
हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खरवाड़ के चिकित्सा अधिकारी डॉ. ललित ने बताया कि यह थैरेपी रक्त संचार बढ़ाकर, मांसपेशियों को आराम देकर और शरीर से विषाक्त पदार्थ निकालकर राहत देती हैं। कप थेरेपी के जरिए शरीर की उन मांसपेशियों और ऊतकों में खून का बहाव बढ़ाने में मदद मिलती है, जिनमें चोट या दर्द की वजह से खिंचाव महसूस होने लगता है। कपिंग थेरेपी की मदद से केवल चोटिल मांसपेशियों को ही आराम नहीं मिलता है, बल्कि इसकी मदद से चेहरे पर चमक आती है और गंदे खून की जगह पर साफ खून को बढ़ाने में मदद मिलती है।
ऐसे होता है इस्तेमाल
कपिंग थेरेपी में इस्तेमाल होने वाले कप बांस या फिर कांच के बने होते हैं। कप की विशेष डिजाइन खून को सतह से खींचने का काम करती है। इसकी मदद से शरीर से दूषित पदार्थों तो निकलते ही हैं, लेकिन शरीर में कोई दर्द नहीं होता है। कपिंग थेरेपी के बाद उन कपों के निशान रह जाते हैं। हालांकि ये निशान धीरे-धीरे चले जाते हैं।
हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खरवाड़ में मरीज की जांच करते डॉ. ललित। संवाद