सुजानपुर (हमीरपुर)।
हिंदू रीति-रिवाजों में अनुष्ठान, व्रत आदि का अपना महत्व है। मान्यता है कि व्रतों में शामिल एक प्रदोष व्रत भी है। श्रद्धा है कि यह शिव कृपा प्रदान करने वाला होता है। रोगों से निवारण और संकट को दूर करने वाला यह व्रत सौभाग्य से रविवार को होगा। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दीप आदि प्रज्वलित करने के आह्वान को व्रत से नहीं जोड़ा जा रहा। फिर भी संकट से निवारण के लिए तो व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर भी इसी दिन देशवासी रात को अपने घरों में दीप आदि प्रज्वलित करेंगे। हालांकि, यह व्रत वर्ष भर में 24 बार आता है, लेकिन संकट और रोगों से निजात दिलाने को लेकर इस बार इसमें खासी श्रद्धा है।
राजपुरोहित पंडित आशुतोष शर्मा के मुताबिक पुराणों में कहा गया है कि बीमारी आदि का संकट दूर करने के लिए इस व्रत का करना बड़ा महत्व रखता है। हिंदू पंचांग के मुताबिक रविवार प्रदोषकाल शाम 6:46 से लेकर 9:05 तक रहेगा। व्रत के दौरान शिव आराधना करके या महामृत्युंजय 108 बार जाप कर चंद्रमा को अर्ग्घ देने के उपरांत दीप प्रचारित किया जाता है। इस व्रत को लेकर भी गाथाएं हैं। कहते हैं कि भगवान शिव ने मां सती तथा वेदव्यास ने भी सोनिक ऋषि आदि को सुनाया था। इस बार रविवार को होने वाले व्रत के उपरांत देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए दीप भी प्रज्वलित किए जाएंगे। जिस कारण यह व्रत और भी खास हो गया है। राजपुरोहित पंडित आशुतोष शर्मा ने कहा कि व्रत संकट निवारण, खुशहाली के लिए शुभ है।