बिझड़ी (हमीरपुर)। वन परिक्षेत्राधिकारी बिझड़ी के तहत पड़ते बीटों में करोड़ों की चीड़ की इमारती लकड़ी पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। विभाग ने लकड़ी का कटान तो करवा लिया है। लेकिन अब लकड़ी जंगलों से उठाई नहीं जा रही।
गर्मी में जंगलों में अग्निकांड की घटनाएं होती हैं। अगर समय रहते लकड़ी नहीं उठाई तो विभाग को लाखों का नुकसान हो सकता है। दिसंबर, जनवरी, फरवरी और मार्च में शामलात भूमि पर सूखे पेड़ों का विभाग ने ठेकेदारों से कटान करवाया है। अबकी बार कोरोना महामारी के चलते लाखों रुपये खर्च करके भी लकड़ी को जंगलों से उठाने का रास्ता नजर नहीं आ रहा है। वैसे भी बड़सर के जंगलों में चीड़ के पेड़ ज्यादा हैं। सरकार, वन विभाग और ठेकेदार को इनसे भी आय भी होती है। इस संदर्भ में बीओ चकमोह राज कुमार का कहना है कि अगर हाल ठीक रहा तो गर्मियों से पहले लकड़ी को उठा लिया जाएगा।