राजकीय प्रशिक्षित स्नातक कला अध्यापक संघ की बैठक बाल स्कूल हमीरपुर में हुई। इसकी अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष सुरेश कुमार ने की। उन्होंने कहा कि हिमाचल में टीजीटी सबसे बड़ा कैडर है। पदोन्नति नियमों के अनुसार, मुख्याध्यापक और प्रवक्ताओं से प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति के लिए 50-50 के अनुपात में पदोन्नति होती है।
हिमाचल में 25676 टीजीटी शिक्षकों में से केवल 839 ही मुख्याध्यापक और फिर प्रधानाचार्य बनते हैं। वहीं, प्रवक्ताओं की संख्या मात्र चार हजार है। इसलिए यह कोटा 95 और पांच फीसदी के अनुपात में किया जाए। उन्होंने कहा कि यह पदोन्नति कोटा 95 फीसदी टीजीटी के लिए और पांच फीसदी प्रवक्ताओं के लिए किया जाए।
पहले यह कोटा 60 और 40 फीसदी था। षड्यंत्र के तहत इसे 50-50 फीसदी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अध्यापकों को पांच साल का कार्यकाल पूरा करने की तिथि से वरिष्ठता सूची में डाला जाए। अनुबंध अध्यापकों को प्रथम तिथि नियुक्ति से सभी लाभ दिए जाएं। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा कर्मचारी शिक्षा विभाग में है।
इनकी संख्या करीब साठ हजार के करीब है। सर्वाधिक कर्मचारी वाले विभाग में अलग से जेसीसी की बैठक बुलाई जाए। संघ ने सरकार से मांग की है कि अप्रैल से बच्चों की कक्षाएं शुरू होते ही उन्हें निशुल्क मिलने वाली किताबें उपलब्ध करवार्ई जाएं जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
इस अवसर पर संघ के महासचिव सुरेश कौशल, कोषाध्यक्ष संजय ठाकुर, उपप्रधान मदन ठाकुर, हमीरपुर प्रधान बलदेव कलसी, बिलासपुर के प्रधान देशराज, प्रदेश संगठन मंत्री रामेश्वर कटोच, दूनी चंद आदि उपस्थित रहे।