हमीरपुर। कड़ाके की ठंड का असर बच्चों की सेहत पर भी पड़ रहा है। सर्दी के कारण बच्चे निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं।
डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज में शिशु रोग विशेषज्ञ के पास रोजाना 70 से 80 सर्दी के साथ खांसी आदि से ग्रसित बच्चे पहुंच रहे हैं। इनमें चार से पांच निमोनिया से पीडि़त बच्चे भी शामिल हैं। शिशु रोग विशेषज्ञ की ओर से बच्चों का उपचार के साथ-साथ उनके माता-पिता को स्वास्थ्य सलाह भी दी जा रही है। सर्दी के मौसम में हल्की सी लापरवाही बच्चों को निमोनिया का मरीज बना देती है।
निमोनिया में सर्दी, खांसी, बुखार, सांस लेने में दिक्कत बढ़ जाती है। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश ठाकुर ने कहा कि निमोनिया में सांस लेने की समस्या होती है। समय पर उपचार न होने के कारण फेफड़ों में संक्रमण होने लगता है। ऐसे में चिकित्सक से उपचार लेना चाहिए। बुधवार को भी शिशु रोग विशेषज्ञ के पास 62 बच्चे उपचार के लिए पहुंचे। इनमें से चार बच्चे निमोनिया से ग्रस्ति मिले हैं।
निमोनिया के लक्षण
-शरीर में कंपन और थकान।
-छाती और पेट में दर्द।
-सांस लेने या खांसने पर सीने में दर्द।
-सर्दी, जुकाम और बुखार होना।
बचाव के उपाय
-गर्म कपड़ों से पूरी तरह शरीर को ढ़कें।
-बच्चों को सुबह-शाम पैरों में मोजे और जूते पहनाएं।
-बच्चों का नियमित टीकाकरण करवाएं।
-हल्की समस्या होने पर भी चिकित्सक को दिखाएं।
डॉ राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ राकेश ठाकुर बच्चे की जांच करते हुए।- फोटो : आयोजक