हमीरपुर। जिले की 87 पंचायतों की ओर से किए गए टीबी मुक्त पंचायत के दावे अभी केंद्रीय टीबी विभाग (सीटीडी) के पास लंबित हैं। अंतिम सत्यापन और सूची जारी नहीं होने के कारण पंचायतों को स्वर्ण, रजत और कांस्य श्रेणी में सम्मानित करने की प्रक्रिया भी फिलहाल अटकी हुई है।
टीबी मुक्त पंचायतों का चयन निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाता है। पंचायतों के दावों की पहले स्वास्थ्य खंड स्तर पर जांच होती है, इसके बाद जिला, राज्य और अंत में केंद्रीय स्तर पर सत्यापन किया जाता है।
टीबी नियंत्रण, जागरूकता, समय पर जांच और उपचार जैसी शर्तों के आधार पर अंतिम सूची तैयार की जाती है। जिला और राज्य स्तर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब यह सूची केंद्रीय टीबी विभाग के पास विचाराधीन है, जहां से अंतिम मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।
बॉक्स
किस स्वास्थ्य खंड से कितनी पंचायतों के दावे
जिले के विभिन्न स्वास्थ्य खंडों से कुल 87 पंचायतों ने टीबी मुक्त होने का दावा किया है। इनमें बड़सर स्वास्थ्य खंड से 20, भोरंज से 11, गलोड़ से 18, नादौन से 10, सुजानपुर से 6 तथा टौणी देवी स्वास्थ्य खंड से 22 पंचायतों ने आवेदन किया है। इनमें 10 पंचायतों ने स्वर्ण, 9 ने रजत और 68 पंचायतों ने कांस्य श्रेणी के लिए दावा प्रस्तुत किया है।
कोट
केंद्रीय टीबी विभाग से टीबी मुक्त पंचायत होने के दावों पर अंतिम सूची जारी होने का इंतजार है। उसके बाद पात्र पंचायतों को सम्मानित करने का शेड्यूल बन सकता है।
-डॉ. सुनील वर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी