बिझड़ी बाजार में सीटू कार्यकर्ता विरोध रैली निकालते हुए। (संवाद)
बिझड़ी (हमीरपुर)। विकास खंड बिझड़ी में सीटू ने मजदूरों को श्रमिक कल्याण बोर्ड से वित्तीय लाभ न मिलने और बिजली बोर्ड के निजीकरण, रेलवे के निजीकरण के विरोध में सोमवार को धरना-प्रदर्शन किया। उपमंडल बड़सर के बिझड़ी बाजार में प्रदेश की कांग्रेस और केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।
सीटू के राष्ट्रीय सचिव डॉक्टर कश्मीर सिंह ठाकुर के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को विकास खंड अधिकारी बिझड़ी के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपा गया।
कश्मीर सिंह ने कहा कि कांग्रेस सरकार मजदूर विरोधी फैसले ले रही है। प्रदेश में चार लाख तीस हजार मजदूरों को श्रम कल्याण बोर्ड का लाभ मिलना बंद हो चुका है। श्रम कल्याण बोर्ड से मनरेगा मजदूरों को अलग कर दिया है और पंजीकरण भी नहीं हो पा रहा है। पंचायतों में मनरेगा के काम नहीं हो पा रहे हैं। मजदूरों के बच्चों को मिलने वाले वजीफे, विवाह शादी के लिए मिलने वाले वित्तीय लाभ भी रोक दिए गए हैं। इससे गरीब मजदूरी परेशान हैं।
इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार के रेलवे के निजीकरण के फैसले का विरोध किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अब बिजली बोर्ड को भी निजीकरण के दायरे में लाने जा रही है। सरकार के निर्णय के मुताबिक अब घर-घर स्मार्ट मीटर लगेंगे, जो प्रीपेड होंगे। सरकार के इस निर्णय से लोगों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश सरकार अपना अड़ियल रवैया जारी रखती है तो 25 नवंबर को शिमला में सचिवालय का घेराव किया जाएगा।