मौसम के बदलते मिजाज से नौनिहाल सर्दी जुकाम की चपेट में आ रहे हैं। क्षेत्रीय अस्पताल की ओपीडी में रोजाना सौ से डेढ़ सौ अभिभावक बीमार बच्चों को लेकर पहुंच रहे हैं। शहर के अन्य निजी क्लीनिकों और अस्पतालों में भी शिशुओं रोगियों को लेकर अभिभावकों की कतारें लग रही हैं।
जिला के अन्य सीएचसी और पीएचसी केंद्रों में भी बच्चे उपचार के लिए पहुंचाए जा रहे हैं। चिकित्सकों की मानें तो बच्चे मौसम के बदलते मिजाज से बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। सुबह और शाम के समय ठंड और दिन में गर्मी का मौसम होने से अधिकतर बच्चे सर्द गर्म का शिकार हो रहे हैं।
क्षेत्रीय अस्पताल में रोजाना करीब डेढ़ सौ नौनिहाल जांच के लिए पहुंच रहे हैं। शहर के करीब आधा दर्जन निजी क्लीनिकों और अस्पतालों में भी रोजाना सैकड़ों बच्चे सर्दी जुकाम की शिकायत लेकर उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
जिला के अन्य सीएचसी अस्पताल भी बीमार बच्चों से भरे पड़े हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गलोड़ में रोजाना 30 से 40, नादौन में 50 से 60, सुजानपुर में 20 से 30, टौणीदेवी में 20 से 25, बड़सर में 20 से 30 और भोरंज में रोजाना 35 से 40 बच्चे उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
एसएमओ डॉ. रमेश चौहान का कहना है कि मौसम के बदलते मिजाज से बच्चे सर्दी जुकाम की चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों में सर्दी जुकाम की शिकायत होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं।