हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग और सीडैक के बीच अभी तक एमओयू फाइनल नहीं हो सका है। राज्य सरकार और आयोग की ओर से कई दफा रिमांइडर भेजे जाने के बाद भी सीडैक से कोई जवाब नहीं मिला है।
ऐसे में कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) के आयोजन को लेकर आउटसोर्स एजेंसी अभी तक फाइनल नहीं हो सकी है। आयोग ने विभिन्न पोस्ट कोड के तहत आवेदन आमंत्रित किए हैं, लेकिन सीडैक से जवाब न मिलने पर अब प्रदेश सरकार ने अन्य विकल्पों पर विचार करना शुरू कर दिया है। आयोग की ओर से आउटसोर्स एजेंसी के दोबारा टेंडर लगाकर इसकी तमाम प्रक्रिया की जानकारी प्रदेश सरकार को सौंप दी है।
उम्मीद जताई जा रही है कि एक सप्ताह के भीतर एजेंसी कर दी जाएगी। टीजीटी भर्ती की आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त है। आयोग की ओर से यह प्रयास किया जा रहा है कि आवेदन की अंतिम तिथि तक एजेंसी को फाइनल कर लिया जाए, ताकि भर्ती की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके। प्रदेश में 65 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने टीजीटी भर्ती के लिए आवेदन किया है।
आयोग ने पायलट भर्ती एडसिल के माध्यम से आयोजित की थी। इस कंपनी को 35 लाख से अधिक का भुगतान करना पड़ा था। इसके बाद सीडैक से एमओयू साइन करने की प्रक्रिया शुरू की गई। एमओयू के दस्तावेज आयोग और कंपनी के बीच एक्सचेंज हुए, लेकिन प्रक्रिया अधर में लटकी हुई है। सीडैक की ओर से न तो हां की जा रही और न ही इंकार किया जा रहा है। ऐसे में छह माह से अधिक समय से एजेंसी तय नहीं हो सकी है।
हालांकि वैकल्पिक तौर पर प्रदेश सरकार और आयोग दोबारा टेंडर जारी किए हैं। टेंडर में कई फर्मों ने हिस्सा भी लिया है। अब प्रदेश सरकार इस पर अंतिम निर्णय लेगी।
पायलट भर्ती के बाद पहली भर्ती का इंतजार
गठन के बाद राज्य चयन आयोग ने ऑपरेशन थियेटर असिस्टेंट की भर्ती को पायलट आधार पर सीबीटी के माध्यम से आयोजित किया था। उसके बाद अभी तक भर्तियों का आयोजन नहीं हाे सका है। हालांकि राज्य चयन आयोग सैकड़ों पदों को भरने के लिए विज्ञापन जारी कर चुका है, लेकिन एजेंसी फाइनल न होने से पहली भर्ती का इंतजार लंंबा होता जा रहा है।