हमीरपुर। जिले के 16 स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 में केवल नॉन बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थी ही सीबीएसई पाठ्यक्रम पैटर्न से पढ़ाई करेंगे। अप्रैल में स्कूलों में दाखिले के दौरान नौवीं और ग्यारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के अनुसार किताबें, वर्दी और अन्य पाठ्य सामग्री प्रदान की जाएगी।
इससे उन्हें वर्षभर पढ़ाई करने में परेशानी नहीं होगी। बोर्ड कक्षाओं दसवीं व बारहवीं के विद्यार्थी प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अनुसार निर्धारित पैटर्न में ही पढ़ाई करके परीक्षाएं देंगे। इससे उनके ऊपर बोर्ड परीक्षा की तैयारी के बीच अतिरिक्त दबाव नहीं होगा। स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को सुव्यवस्थित और अनुकूल बनाने व विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते लिए उच्च विभाग ने यह निर्णय लिया है, ताकि स्कूलों में पढ़ाई पर कोई भी विपरीत प्रभाव न पड़े।
विभाग के अनुसार प्रथम चरण में केवल नॉन-बोर्ड कक्षाओं में ही सीबीएसई व्यवस्था का ट्रायल किया जा रहा है। ट्रायल उद्देश्य नई गाइडलाइन के प्रभाव और परिणामों का मूल्यांकन करना है, ताकि आगामी सत्र 2027-28 में दसवीं और बारहवीं कक्षाओं में दाखिले के दौरान विद्यार्थियों को बोर्ड की परीक्षाएं देने में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। सभी स्कूलों में एक सामान पाठ्यक्रम पैटर्न शुरू होने से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिलेगी।
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सीबीएसई संबद्ध प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में होगी सुचारू पढ़ाई
सीबीएसई संबद्ध प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को सीबीएसई के माध्यम से ही पढ़ाई करवाई जाएगी। इन स्कूलों में शिक्षक विद्यार्थियों को एक्टिविटी बेस्ड शिक्षा देंगे।
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शैक्षणिक सत्र 2026-27 में केवल नॉन बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थी ही सीबीएसई पाठ्यक्रम पैटर्न से पढ़ाई करेंगे। स्कूल प्रमुखों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं। बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थियों को स्कूल शिक्षा बोर्ड के माध्यम से ही पढ़ाई करने में सुविधा मिलेगी। -डॉ. एमआर चौहान, उपनिदेशक, उच्च शिक्षा विभाग हमीरपुर