हमीरपुर। जिला में ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार) से छूटे विद्यार्थियों के लिए अब अभियान शुरू होगा। दस्तावेजों में त्रुटियों के चलते आईडी न बना पाने पर शिक्षक लोकमित्र केंद्रों के माध्यम से आईडी बनाने का कार्य करवाएंगे।
जिन विद्यार्थियों के दस्तावेजों में त्रुटियां निकलती हैं, उनके अभिभावकों को स्कूल बुलाकर दस्तावेजों को ठीक करवाया जाएगा। प्रदेश शिक्षा बोर्ड ने दसवीं और बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के लिए भरे जाने वाले आवेदन पत्रों के साथ विद्यार्थियों की अपार आईडी को भरना भी अनिवार्य किया है। बिना अपार आईडी के आए आवेदनों को शिक्षा बोर्ड ने रद्द करने का निर्णय लिया है।
ऐसे में विद्यार्थियों की सुविधा के लिए उच्च शिक्षा विभाग हमीरपुर ने स्कूल प्रमुखों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बीते शैक्षणिक सत्र 2024-25 में अपार आईडी बनाने में शिक्षकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। आईडी बनाने में मुख्यत: आधार कार्ड नंबर, दस्तावेजों में विद्यार्थियों के साथ माता-पिता और जन्म प्रमाणपत्र में स्थान के नाम संबंधी त्रुटियां थीं। ऐसे में 10 फीसदी विद्यार्थियों की आईडी नहीं बन पाई थी।
नए सत्र में शिक्षकों की समस्या का समाधान करने के लिए शिक्षा विभाग ने अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है, ताकि विद्यार्थियों की आईडी बनाने का कार्य परीक्षाओं से पूर्व किया जा सके। दस्तावेजों की त्रुटियों में मुख्यत: प्रवासी बच्चे शामिल हैं। ऐसे में इनके दस्तावेजों को ठीक करवाने में अधिक समय लग रहा है।
कोट
स्कूल प्रमुखों को विद्यार्थियों की आईडी की रिपोर्ट जमा करवाने के निर्देश दिए हैं। जिन विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाने का कार्य शेष बचा हुआ है, उनमें विशेष रूप से प्रवासी हैं, जिनके दस्तावेजों को ठीक करवाने के लिए स्कूल प्रमुखों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
-डॉ. एमआर चौहान, उपनिदेशक उच्च शिक्षा विभाग हमीरपुर