संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर/सुजानपुर। नगर परिषद सुजानपुर के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव को लेकर चल रहा विवाद अब सड़क से अदालत तक पहुंचता नजर आ रहा है। भाजपा ने चुनाव प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए इसे हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही है।
बुधवार को प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा के नेतृत्व में भाजपा समर्थित पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने सुजानपुर बाजार में प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और पुतला दहन किया।
प्रदर्शनकारियों ने मंडल कार्यालय से मिनी सचिवालय तक रैली निकालते हुए सरकार विरोधी नारे लगाए और चुनाव प्रक्रिया को लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत बताते हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और सुजानपुर के विधायक कैप्टन रणजीत सिंह के खिलाफ भी नारेबाजी की गई।
प्रदर्शन के बाद भाजपा समर्थित पार्षदों ने राजेंद्र राणा के नेतृत्व में उपायुक्त हमीरपुर गंधर्वा राठौड़ के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। इसमें नगर परिषद सुजानपुर के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव को रद्द करने की मांग की गई है।
राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में निर्धारित नियमों की अनदेखी की गई। उनके अनुसार नामांकन के बाद नियमों के तहत बैलेट मतदान कराना आवश्यक था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम सुजानपुर ने सरकार के दबाव में काम किया, क्योंकि कांग्रेस अल्पमत में होने के बावजूद हार से बचना चाहती थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा इस मामले को हाईकोर्ट में चुनौती देगी।
राणा ने यह भी कहा कि हमीरपुर में जिला परिषद और पांच पंचायत समितियों के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव अब तक नहीं कराए गए हैं, जबकि परिणाम आए लगभग 25 दिन हो चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हार के डर से चुनाव प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ा रही है।
कांग्रेस से निष्कासित नेता नीरज भारती के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राणा ने कहा कि कांग्रेस के नेता स्वयं मान रहे हैं कि विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहा है, जबकि प्रदेश में कांग्रेस सरकार पर हिटलरशाही के आरोप लगाए जा रहे हैं।