हमीरपुर। पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोपों में घिरे बड़सर के पूर्व विधायक और भाजपा के तीन बार जिलाध्यक्ष रहे बलदेव शर्मा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कांग्रेस में शामिल होने की चर्चाओं पर भी विराम लगाते हुए कहा कि भाजपा उनके लिए मां जैसी है और वह न कभी पार्टी की खिलाफत करेंगे और न ही पार्टी छोड़ेंगे।
बलदेव शर्मा ने कहा कि कुछ फसली बटेर उन पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि न उन्होंने और न ही उनकी पत्नी माया शर्मा ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में हिस्सा लिया है। यदि किसी के पास आरोपों के समर्थन में कोई प्रमाण है, तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
दरअसल, भाजपा मंडल बड़सर और स्थानीय विधायक इंद्रदत्त लखनपाल की ओर से पार्टी समर्थित जिला परिषद प्रत्याशियों के खिलाफ प्रचार करने के आरोप लगाते हुए जिला भाजपा को शिकायत सौंपी गई थी। इसके बाद जिला भाजपा अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने प्रेस वार्ता कर पुष्टि की थी कि मंडलों की अनुशंसा प्रदेश अनुशासन समिति को भेज दी गई है।
इस पूरे घटनाक्रम में बलदेव शर्मा का नाम प्रमुखता से सामने आया। प्रेस वार्ता के कुछ समय बाद ही सोशल मीडिया पर बलदेव शर्मा ने वर्ष 2021 के पंचायत चुनावों का मुद्दा उठाते हुए पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय बड़सर से जुड़े भाजपा के तत्कालीन प्रदेश प्रवक्ता ने पार्टी समर्थित प्रत्याशियों के खिलाफ उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
हालांकि राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी रही कि उस समय स्वयं बलदेव शर्मा भाजपा जिलाध्यक्ष थे और अब वह उसी दौर के घटनाक्रम पर सवाल उठा रहे हैं।
वहीं, भाजपा विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने कहा कि यह पहली बार नहीं है, जब पार्टी विरोधी गतिविधियों की बातें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि उपचुनावों के दौरान वन वोट पीएम, वन वोट सीएम जैसे नारे किसने चलाए, यह सभी जानते हैं।
कोट
16 वर्ष की उम्र से पार्टी से जुड़ा हूं। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल से पार्टी के प्रति निष्ठा सीखी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रदेश भाजपा प्रभारी रहते संगठन को मजबूत करने का कार्य किया। पार्टी में कल शामिल हुए कुछ फसली बटेर मुझ पर खिलाफत के आरोप लगा रहे हैं।
-बलदेव शर्मा, पूर्व विधायक
पार्टी समर्थित जिला परिषद प्रत्याशियों को तय करने से पहले बलदेव शर्मा को बैठक के लिए बुलाया गया था। वरिष्ठ भाजपा नेता विनोद ठाकुर, कमल नयन और संजीव शर्मा बैठक में पहुंचे और सामूहिक सहमति से प्रत्याशियों के नाम तय किए गए, लेकिन बलदेव शर्मा बैठक में नहीं आए। बलदेव शर्मा के कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों का साथ देने के पुख्ता प्रमाण पार्टी नेतृत्व को दिए गए हैं।
-इंद्रदत्त लखनपाल, विधायक बड़सर
खुद जिलाध्यक्ष रहते बलदेव ने क्यों नहीं की कार्रवाई : अरविंद
दियोटसिद्ध (हमीरपुर)। भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला महामंत्री अरविंद ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ भाजपा संगठन द्वारा की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा एक अनुशासित और सिद्धांतवादी संगठन है, जहां व्यक्ति नहीं, बल्कि पार्टी और उसकी विचारधारा सर्वोपरि होती है। अरविंद ने पूर्व विधायक बलदेव शर्मा द्वारा जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर को लिखे गए पत्र पर भी सवाल उठाए। अरविंद ने कहा कि वर्ष 2021 में स्वयं बलदेव शर्मा जिला अध्यक्ष के पद पर थे और उस समय पार्टी विरोधी गतिविधियों पर कार्रवाई करना उनकी जिम्मेदारी थी, लेकिन उनके कार्यकाल में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।