जिले में खुले में खाद्य सामग्री बेचने पर रोक लगा दी है। साथ ही अयोग्य खाद्य पदार्थ भी नहीं बेचे जा सकेंगे। उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश उपायुक्त रोहन चंद ठाकुर ने जारी किए।
हैजा और जल जनित रोग फैलने की आशंका के मद्देजनर यह आदेश जारी किए गए हैं। आदेश तुरंत प्रभाव से लागू होंगे और 2016 के अंत तक लागू रहेंगे। जिले में गली सड़ी और खराब सब्जियां, फल, अध पके और अधिक पके फलों के साथ साथ मनुष्य के प्रयोग में लाई जाने वाली अन्य खाद्य सामग्री जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़े, उसकी बिक्री नहीं होगी।
सभी प्रकार के आइस बाल, आइस कैंडी, आइसक्रीम, मिनरल जल हिमाचल प्रदेश सरकार के जीवाणु विशेषज्ञ की स्वीकृति लिए बिना बिक्री नहीं होंगे। दूध से निर्मित मिठाइयां, मीट, बाहरी राज्य से आने वाले खाद्य पदार्थ जैसे मौसमी फल, पेय पदार्थ, ककड़ी, अमरूद, कुल्फी और फलुदा, अन्य खाद्य पदार्थों को जाली या शीशे से ढक कर रखना होगा।
ये अधिकारी करेंगे निरीक्षण
उपायुक्त ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, पुलिस अधीक्षक, समस्त एसडीएम, खंड चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी, चिकित्सा प्रभारी (पीएचसी, सीएचसी, सामुदायिक अस्पताल) मेल हेल्थ सुपरवाइजर, सहायक मलेरिया अधिकारी, एग्जीक्यूटिव मैजिस्ट्रेट, खाद्य निरीक्षक को निरीक्षण करने के लिए प्राधिकृत किया है।