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Hamirpur (Himachal) News: बिझड़ी बीडीसी चुनाव में बलदेव शर्मा का सियासी दबदबा, कांग्रेस को मिली संजीवनी

Sun, 06 Sep 2026 01:12 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
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पूर्व विधायक बलदेव शर्मा और पूर्वविधायक मंजीत सिंह डोगरा गले मिलते हुए। वीडियोग्रैब।
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अनिल डोगरा
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बड़सर (हमीरपुर)। पंचायत समिति बिझड़ी के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव पूर्व विधायक बलदेव शर्मा और कांग्रेस के लिए संजीवनी साबित हुए हैं। पूर्व विधायक बलदेव शर्मा ने रमेश शर्मा को पंचायत समिति अध्यक्ष बनाकर अपना सियासी प्रभाव दिखाया।
अध्यक्ष पद को लेकर भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक बलदेव शर्मा और मौजूदा भाजपा विधायक इंद्रदत्त लखनपाल गुट के बीच हुई सियासी जंग का लाभ कांग्रेस को भी मिला।
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23 वार्ड वाली पंचायत समिति में कांग्रेस विचारधारा से महज पांच सदस्य निर्वाचित हुए थे, लेकिन उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेस क्रॉस वोटिंग कराने में सफल रही। खास बात यह रही कि चुनाव से पहले कांग्रेस और बलदेव गुट की सियासी रणनीति की भाजपा विधायक और संगठन को भनक तक नहीं लगी।
नतीजे घोषित होने के बाद भाजपा के तीन बार विधायक और दो बार जिला अध्यक्ष रह चुके बलदेव शर्मा नवनिर्वाचित पंचायत समिति अध्यक्ष रमेश शर्मा को बधाई देने पहुंचे।
राजेश को बड़सर के मौजूदा विधायक इंद्रदत्त लखनपाल के समर्थन से भाजपा का अधिकृत प्रत्याशी तय किया गया था, लेकिन बलदेव शर्मा के प्रभाव के आगे भाजपा संगठन और विधायक इंद्रदत्त लखनपाल की रणनीति काम नहीं आई।
यही वजह रही कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर लखनपाल गुट के दोनों प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा।
जिला परिषद चुनाव में बड़सर में भाजपा ने चारों सीटों पर जीत दर्ज कर कांग्रेस को करारा झटका दिया था। इसी के चलते बड़सर से ताल्लुक रखने वाले जिला परिषद सदस्य गुरदीप सिंह को उपाध्यक्ष पद मिला था। हालांकि, पंचायत समिति चुनाव में लखनपाल के सांगठनिक कौशल और पंचायती राज व्यवस्था में पकड़ कुछ कमजोर नजर आई है। संवाद

चरम की ओर भाजपा में गुटबाजी

भाजपा विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने जिला परिषद चुनाव में पूर्व विधायक बलदेव शर्मा और उनकी पत्नी माया शर्मा पर कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों के लिए प्रचार करने के आरोप लगाए थे। बलदेव शर्मा ने उस वक्त इन आरोपों को सिरे से खारिज किया था। अब पंचायत समिति चुनाव में बड़सर में भाजपा की अंतर्कलह खुलकर सामने आई है, जो इशारा कर रही है कि विधानसभा उपचुनाव में उठी विरोध की चिंगारी अब चरम पर है।
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उपचुनाव में भी खिलाफत की हुई थी चर्चा

कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए इंद्रदत्त लखनपाल को वर्ष 2024 में हुए उपचुनाव में पार्टी प्रत्याशी बनाया गया था। इस दौरान भी पूर्व विधायक बलदेव शर्मा पर खिलाफत करने के कथित आरोप लगे थे। उस समय ‘एक वोट पीएम, एक वोट सीएम’ का नारा भी चरम पर था। पंचायत समिति बिझड़ी के नतीजों ने एक बार फिर इस नारे से जुड़ी सियासी चर्चाओं को हवा दे दी है।
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