: उपायुक्त कार्यालय में मॉक ड्रिल करते कर्मचारी। स्रोत : जनसंपर्क विभाग
हमीरपुर। हमीरपुर। कांगड़ा घाटी में 4 अप्रैल 1905 को आए विनाशकारी भूकंप की 121वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य पर शनिवार को उपायुक्त कार्यालय परिसर में जागरूकता कार्यक्रम, रैली और मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की अध्यक्ष गंधर्वा राठौड़ ने कहा कि 121 वर्ष पूर्व कांगड़ा में आया भूकंप एक भीषण त्रासदी थी। उस समय न तो आपदा प्रबंधन के लिए कोई सुदृढ़ तंत्र था और न ही आम लोगों में इसके प्रति जागरूकता थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में आपदाओं से निपटने के लिए जिला से लेकर उपमंडल स्तर तक प्रभावी तंत्र और आधुनिक संसाधन उपलब्ध हैं।
उपायुक्त ने बताया कि आपदा प्रबंधन में स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए ‘आपदा मित्र योजना’ शुरू की गई है, जिसके तहत युवाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान एसडीएम संजीत सिंह ने उपायुक्त, अन्य अधिकारियों, आईटीआई हमीरपुर और विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों का स्वागत किया तथा कांगड़ा भूकंप के इतिहास पर प्रकाश डाला।
इसके बाद उपायुक्त कार्यालय से नगर निगम कार्यालय तक जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के उपरांत उपायुक्त कार्यालय परिसर में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें होमगार्ड्स और अग्निशमन विभाग के बचाव दल ने रेस्क्यू ऑपरेशन का प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर तहसीलदार एवं कार्यकारी जिला राजस्व अधिकारी नरेश पटियाल, नायब तहसीलदार जगदीश ठाकुर, आईटीआई के प्रधानाचार्य सुभाष शर्मा सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।