अवाहदेवी (हमीरपुर)। 16 सितंबर को भाद्रपद माह समाप्त होने के बाद 17 सितंबर से अश्विन मास शुरू होगा। 18 से 25 सितंबर तक विवाह-शादियों और अन्य मांगलिक कार्यों के शुभ मुहूर्त होने से बाजारों में कारोबार बढ़ने की उम्मीद है।
ज्योतिषाचार्य पंडित वेद प्रकाश शर्मा ने बताया कि 26 सितंबर से 10 अक्तूबर तक पितृ पक्ष रहेगा। इस दौरान मांगलिक कार्य वर्जित होने से बाजारों में मंदी का असर देखने को मिल सकता है।
श्राद्ध पक्ष में मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही कम होने से माता की चुनरी, श्रृंगार सामग्री और प्रसाद सहित पूजा सामग्री बेचने वाले दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि श्राद्ध पक्ष समाप्त होने के बाद मांगलिक कार्य शुरू होने पर बाजारों में फिर चहल-पहल बढ़ने की उम्मीद है। संवाद