हमीरपुर। हिमाचल भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने हमीरपुर सदर थाना में विधायक आशीष शर्मा के चाचा और भाई से मुलाकात की। अवैध खनन मामले में विधायक आशीष के भाई और चाचा को पुलिस ने हिरासत में लिया है और वे पुलिस रिमांड पर हैं।
इस दौरान राजेंद्र राणा के साथ बड़ी संख्या में समर्थक और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्हें बाद में पुलिस ने थाना परिसर से बाहर कर दिया। राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि यह मामला मुख्यमंत्री सुक्खू के इशारे पर दर्ज किया गया है और सरकार राजनीतिक विरोधियों को निशाना बना रही है।
उन्होंने कहा कि विधायक आशीष शर्मा ने विधानसभा में जनता के मुद्दे उठाए। मुख्यमंत्री से सवाल पूछे और बदले में विधायक आशीष के परिवार पर केस दर्ज हुए। मुख्यमंत्री से सीधा सवाल किया गया कि जल शक्ति विभाग से जमीन की एवज में उनके परिवार ने कितना मुआवजा लिया।
प्रदेश में हजारों परिवार हैं, जिन्होंने जल शक्ति विभाग को अपनी जमीनें पेयजल योजनाएं के लिए दीं। इन परिवारों को तो मुआवजा नहीं मिला, लेकिन मुख्यमंत्री के परिवार को 18 लाख से अधिक मुआवजा मिला है।
विधायक आशीष के परिवार के खिलाफ पुलिस ने खुद शिकायत की, जांच की और कोर्ट में केस भी पेश किया। हैरानी का विषय है कि 45 दफा थाने में जांच में शामिल होने के बाद पुलिस को तसल्ली नहीं हुई। सीधा मुख्यमंत्री का फोन अधिकारियों को आता है। यह अधिकारी सरकार की कठपुतली बने हुए है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं तथा निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है। साथ ही उन्होंने सरकार पर राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया।
राजेंद्र राणा ने मांग की कि सरकार पहले अन्य मामलों, जैसे कथित कैश फॉर वोट और कांगड़ा बैंक से जुड़े आरोपों की भी जांच कराए।