हमीरपुर। त्योहारी सीजन खत्म होते ही सोमवार को डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज(जीएमसी) एवं अस्पताल हमीरपुर में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ी। अस्पताल में इतनी भीड़ थी कि पैर रखने तक के लिए जगह नहीं बची। पर्ची काउंटर पर मरीज सुबह से कतार में खड़े थे। कई लोगों की दोपहर 12 बजे तक भी पर्ची नहीं बन पाई। जिन मरीजों की पर्चियां बन चुकी थीं, उन्हें ओपीडी के बाहर अपनी बारी का इंतजार करते रहे।
त्योहारी सीजन के दौरान अस्पताल में केवल आपातकालीन सेवाएं चालू थीं, जबकि नियमित ओपीडी सेवाएं बंद थीं। अधिकतर डॉक्टर दिवाली पर अपने घर गए हुए थे। हालांकि, अब जब त्योहारी सीजन समाप्त हो गया है, सभी ओपीडी नियमित रूप से शुरू हो गई तो सोमवार को भारी संख्या में मरीज उपचार और चिकित्सा परामर्श के लिए पहुंचे।
अस्पताल में मेडिसिन, ऑर्थो, गायनी, नेत्र और शल्य विभाग की ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं। डॉक्टरों के पास जाने के लिए मरीजों में होड़ लगी रही और कतार में कई बार बहस भी देखने को मिली। सुरक्षा कर्मचारियों को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। अस्पताल के पर्ची काउंटर के बाहर भी लंबी कतारें थीं, जहां मरीजों ने घंटों खड़े रहकर इंतजार किया। सामान्य दिनों में अस्पताल की ओपीडी में करीब 1000-1200 मरीज आते हैं, लेकिन सोमवार को यह संख्या बढ़कर 1800 से 2000 के बीच पहुंच गई।
मेडिसिन ओपीडी में सबसे अधिक भीड़ देखने को मिली। कई मरीजों ने बताया कि उन्हें इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। मरीज संजीव, आलोक, अक्षय, विजय, लक्ष्मी, संतोष, जीवन शर्मा आदि ने अपनी परेशानी व्यक्त करते हुए कहा कि अस्पताल में भीड़ इतनी ज्यादा थी कि इलाज के लिए इंतजार करते-करते थकान हो गई।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि सोमवार को सामान्यतः भीड़ अधिक होती है, और त्योहारी सीजन के बाद ओपीडी शुरू होने से मरीजों की संख्या में अचानक वृद्धि हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अस्पताल प्रबंधन सभी मरीजों को जल्द से जल्द चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास में जुटा हुआ है।