हमीरपुर। राष्ट्र स्तरीय होली उत्सव में इस बार भी सरस मेले का आयोजन नहीं होगा। निदेशालय से मंजूरी न मिलने के कारण मेले का आयोजन नहीं हो पाएगा। आयोजन को लेकर जिला ग्रामीण विकास एजेंसी ने दिसंबर में निदेशालय को 15 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा था।
इसका उद्देश्य प्रदेशभर के स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को हस्तशिल्प, हस्तनिर्मित वस्त्र, घरेलू उत्पाद और खाद्य सामग्री जैसे पारंपरिक सामान बेचने के लिए मंच प्रदान करना था, लेकिन विभाग को मंजूरी नहीं मिल पाई हैं। ऐसे में इस बार भी मेले का आयोजन नहीं होगा।
निदेशालय की ओर से जिले की महिलाओं को मंच प्रदान करने के लिए ही स्टाल लगाने की अनुमति दी गई है। अनुमति के साथ आयोजन के लिए पांच लाख रुपये का बजट जारी किया गया है। स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं एक से 10 मार्च तक चौगान में एक साथ 15 स्टाल लगाकर सामान बेच सकेंगी।
दो वर्ष पूर्व राष्ट्र स्तरीय होली उत्सव में डीआरडीए की ओर से सरस मेले का आयोजन किया गया था। मेले में प्रदेशभर के विभिन्न क्षेत्रों से महिलाओं ने राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत प्रदर्शनी लगाकर अपने उत्पादों की बिक्री थी। ऐसे में महिलाओं को पुन: मंच प्रदान करने के लिए डीआरडीए की ओर से प्रस्ताव तैयार करके मंजूरी के लिए भेजा गया था, लेकिन मंजूरी न मिलने के कारण प्रस्ताव जिले तक ही सीमट कर रह गया है।
जिले की महिलाओं को प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए संबंधित खंड विकास अधिकारी कार्यालय में आवेदन करना होगा। आवेदन फार्म पर उत्पादों के नाम और विक्रेता के साथ पूरी जानकारी डाली जाएगी, जिससे महिलाओं को स्टाल लगाने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
कोट
सरस मेले के आयोजन को लेकर अनुमति नहीं मिला पाई है। मेले में केवल जिले से ही स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं स्टाल लगा सकेंगी। स्टाल एक से 10 मार्च तक चौगान में लगाए जाएंगे।
-अस्मिता ठाकुर, जिला विकास अधिकारी