हमीरपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर में बिना पूर्व सूचना के सरकारी दुकान की दीवार तोड़ने के मामले में संस्थान प्रशासन ने संपदा अधिकारी को नोटिस भेज जारी कर उनसे एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। संस्थान प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। दरअसल एनआईटी हमीरपुर में सप्ताह में पांच दिन का कार्यदिवस रहता है। शनिवार और रविवार को संस्थान में अवकाश रहता है। दो दिवसीय अवकाश की आड़ में शुक्रवार शाम को यहां संस्थान परिसर में निर्मित दुकानों के बीच एक दीवार को तोड़ दिया गया। दो दुकानों के बीच की दीवार को तोड़ कर दुकान को बड़ा बनाने का प्रयास किया जा रहा था।
दुकान तोड़ने की सूचना मिलते ही संस्थान की रजिस्ट्रार डॉ. अर्चना नानोटी ने इसकी जानकारी सबसे पहले संस्थान के निदेशक प्रो. एचएम सूर्यवंशी को दी। इसके बाद संस्थान ने इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन भी किया है। अब संस्थान प्रशासन ने इस मामले में संपदा अधिकारी को नोटिस भेजकर एक सप्ताह के भीतर इस मामले में जवाब मांगा है। संस्थान में क्लासरूम, लैब, हॉस्टल, सभागार, मीटिंग हॉल, कार्यालय भवन, स्टाफ के आवासीय भवन और संस्थान परिसर में निर्मित दुकानों की देखरेख की जिम्मेवारी यहां संपदा अधिकारी के अधीन रहती है। बताया जा रहा है कि इस मामले की शिकायत भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय को भी की गई है। जांच के बाद कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उधर, एनआईटी हमीरपुर के निदेशक प्रो. एचएम सूर्यवंशी ने कहा कि दुकान की दीवार को नुकसान पहुंचाया गया है। इस बारे में संस्थान की ओर से कोई स्वीकृति नहीं दी गई थी। मामले की जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि संपदा अधिकारी को नोटिस भेजा गया है।