हमीरपुर। व्यवस्था से हारे एक आंगनबाड़ी केंद्र को सेवानिवृत्त शिक्षिका ने स्वयं संवार दिया। सरकारी व्यवस्था और नौनिहालों की फिक्र के चलते महिला मंडल मट्टनसिद्ध की प्रधान लवलीन ने आंगनबाड़ी केंद्र का कायाकल्प करवाकर मिसाल पेश की है।
वर्षों पुराने खस्ताहाल भवन के लिए बजट न मिलने पर नौनिहालों की सुविधा के लिए उन्होंने निजी तौर पर 25 हजार रुपये का बजट खर्च किया। इससे आंगनबाड़ी केंद्र के भवन में आवश्यक मरम्मत के साथ रंग-रोगन और नौनिहालों के विकास में सहायक सहपाठी गतिविधयों के चित्र, गणित, अंग्रेजी, हिंदी की वर्णमाला भी लिखवाई, ताकि बच्चों को चित्रों के माध्यम से पढ़ाई करने में सुविधा मिल सके।
सौंदर्यींकरण कार्य के साथ ही अब बच्चों के लिए कद के अनुसार वॉशवेशिन का भी निर्माण करवाया है, जिससे बच्चों को हाथ धोने में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
वर्ष 2019 में प्राथमिक स्कूल डुग्घा से मुख्य शिक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुई लवलीन ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र की हालत लंबे समय से खस्ताहाल बनी हुई थी। मरम्मत कार्य के लिए बजट न मिलने पर बच्चों की सुविधा के लिए निजी तौर पर भवन की मरम्मत के साथ सौंदर्यींकरण कार्य का निर्णय लिया, ताकि नर्सरी कक्षा में दाखिले से पूर्व बच्चों को खेल-खेल में ज्ञान दिया जा सके।
वहीं, आगामी समय में स्कूल में बच्चों को पढ़ाई में सहायक सामग्री का वितरण किया जाएगा, जिससे उन्हें पढ़ाई करने में काफी सुविधा मिलेगी। बाल विकास परियोजना टौणीदेवी के अंतर्गत वृत्त मटनसिद्ध के आंगनबाड़ी केंद्र डुग्घा खुर्द में पांच नौनिहाल दाखिल हैं। केंद्र में बच्चों को खेल-खेल में गतिविधियों के साथ पोषणा आहार प्रदान किया जा रहा है।
कोट
आंगनबाड़ी केंद्र डुग्घा खुर्द में सेवानिवृत्त अध्यापक ने निजी तौर पर 25,000 रुपये का बजट खर्च कर सौंदर्यींकरण कार्य करवाया है, जिससे केंद्र में बच्चों को पढ़ाई करने में काफी सुविधाएं मिलेंगी।
-करतार सिंह चौहान, सीडीपीओ, टौणीदेवी
महिला मंडल मट्टनसिद्ध की प्रधान लवलीन। संवाद- फोटो : kathua
महिला मंडल मट्टनसिद्ध की प्रधान लवलीन। संवाद- फोटो : kathua