दियोटसिद्ध (हमीरपुर)। चैत्र मास मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगाए जाने वाले लंगर इस बार एलपीजी गैस के सहारे ही नहीं, बल्कि लकड़ी के सहारे भी चलेंगे। गैस की कमी को मद्देनजर रखते हुए मंदिर न्यास ने मंदिर परिसर में लकड़ी को स्टोर करना शुरू कर दिया है।
हालांकि एलपीजी गैस की कमी भी ट्रस्ट के पास नहीं है, लेकिन आपात स्थिति के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। लंगर भवन में लकड़ी के चूल्हे की व्यवस्था भी है और पारंपरिक रूप से लकड़ी के चूल्हे पर लंगर पकता रहा है। यदि एलपीजी सिलिंडर की कमी मेलों के दौरान खलेगी तो लकड़ी का चूल्हा भी जलाया जाएगा।
मंदिर न्यास ने एलपीजी गैस के 50 से अधिक सिलिंडर एडवांस में बुक कर लिए हैं, जबकि पांच से अधिक लकड़ी से भरी गाड़ियां मंगवाई गई हैं। मंदिर में चैत्र मास मेले के दौरान प्रतिदिन कम से कम तीन सिलिंडर इस्तेमाल में लाए जाते हैं। ऐसे में अगर कोई दिक्कत आती है तो फिर चूल्हे पर लंगर तैयार किया जाएगा।
बता दें कि एक मास तक चलने वाले इन मेलों में दो लाख से अधिक श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं। इस मेले में जहां मंदिर न्यास की ओर से लंगर लगाया जाता है, वहीं लोग भी अपना निजी लंगर चलाते हैं। ऐसे में मंदिर प्रशासन उम्मीद जता रहा है कि मंदिर न्यास पर लंगर को लेकर अधिक दबाव नहीं रहेगा। निजी लंगरों के संचालन में डीजल की भट्टियों का इस्तेमाल होता है, जिससे उनके ऊपर भी गैस की कमी का अधिक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
मंदिर न्यास बाबा बालक नाथ मंदिर ने गैस की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए एजेंसियों से संपर्क किया है। वहीं, एजेंसी संचालकों ने भी इस संबंध में आश्वास्त किया है कि इस दौरान गैस की कमी नहीं आने दी जाएगी।
कोट :
मंदिर न्यास में सिलिंडर को लेकर कमी नहीं है। इसके लिए 50 सिलिंडर एडवांस बुक कर लिए गए हैं। इसके अलावा लकड़ी काे भी स्टोर किया जा रहा है। अगर गैस की कमी होती है, तो चूल्हे पर लकड़ी के माध्यम से लंगर तैयार किया जाएगा।
-केशव कुमार, मंदिर अधिकारी, बाबा बालक नाथ दियोटसिद्ध
चैत्र मास मेलों के दौरान लंगर के लिए मंदिर न्यास की ओर से एकत्रित की गई लकड़ी। संवाद- फोटो : नवाबगंज क्षेत्र में सुबह के समय छाया कोहरा।