विधिक माप विज्ञान विभाग ने व्यापारियों को जागरूक करने के लिए की विशेष बैठक
डिब्बा बंद वस्तु नियम के तहत जानकारी उपलब्ध करवाएं व्यापारी
नियमों की अनदेखी करने पर विभाग कर सकता है कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। विधिक माप विज्ञान विभाग ने व्यापारियों को विभिन्न जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए हमीरपुर में विशेष बैठक का आयोजन किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य सभी हित धारकों को उपभोक्ता संरक्षण से जुड़े प्रावधानों एवं डिब्बा बंद वस्तु नियमों की जानकारी उपलब्ध करवाना तथा व्यापारिक लेन-देन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना था।
बैठक में सहायक नियंत्रक प्रवीण सिउटा ने बताया कि किस प्रकार से डिब्बा बंद वस्तु नियम के तहत लेबलिंग, एमआरपी, पैकेजिंग और उपभोक्ताओं को सही सूचना उपलब्ध करवाना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी बताया कि इन नियमों की अनदेखी करने पर क्या-क्या दंडात्मक प्रावधान लागू हो सकते हैं।
जीएसटी दरों में हाल ही में हुए संशोधन के बाद, शेष बचे पैकेज्ड स्टाॅक पर अधिकतम खरीद मूल्य को संशोधित करना अनिवार्य है। उपभोक्ताओं से किसी भी प्रकार की अतिरिक्त वसूली न की जाए और संशोधित एमआरपी को उचित तरीके से प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग की ओर से समय-समय पर निरीक्षण एवं जांच अभियान चलाया जाता है। ऐसे में यदि किसी प्रकार की अनियमितताएं पाई जाती हैं तो संबंधित निर्माता / पैकर/ थोक विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग की ओर से अप्रैल 2025 से अब तक बिलासपुर मंडल में अधिसूचित विभाग की ओर से कुल 1479 निरीक्षण किए गए हैं, जिससे चालान के रूप में 5,07,000 रुपये प्राप्त किए हैं। उन्होंने सभी उपस्थित व्यापारियों से आह्वान किया कि वे निर्धारित नियमों एवं दिशा निर्देशों का पालन करे और उपभोक्ता हितों की रक्षा में विभाग सहयोग करें।
बाक्स :
डिब्बा बंद वस्तु नियम
2011 के प्रावधानों के तहत हर बंद की गई वस्तु पर विवरण घोषणा करना अनिवार्य है । इसमें निर्माता/पैकर/आयातक का नाम एवं पता, उत्पति का देश, यदि डब्बा बंद वस्तु आयातित है। वस्तु का सामान्य अथवा प्रचलित नाम, शुद्ध मात्रा, मानक भार या माप की इकाई अथवा संख्या के रूप में, खुदरा ब्रिकी मूल्य (एमआरपी) सभी करों सहित अंकित होनी चाहिए।