हमीरपुर। स्थानीय निकाय के तहत मटौर-शिमला एनएच के किनारे बाईपास पर नाले पर अवैध रूप से तैयार किए तीन मंजिला भवन को अब वैध रूप देने की जुगत शुरू हो गई है। निर्माणकर्ता ने भवन तैयार होने के बाद नगर निगम हमीरपुर को नक्शा मंजूर करने के लिए आवेदन किया है।
हालांकि नगर निगम की ओर से नक्शे को अभी मंजूर नहीं किया गया है। कायदे से कोई भी निर्माण करने से पूर्व नक्शा मंजूर करवाया जाता है, लेकिन निर्माणकर्ता इसके विपरित निर्माण के बाद आवेदन कर रहा है। ऐसे में नगर निगम इस नक्शे को पास करता है, तो फिर नगर निगम की कार्यप्रणाली भी शक के घेरे में आ जाएगी।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि तीन मंजिला भवन बनने के बाद नक्शे के लिए अप्लाई किया जा रहा है। बता दें कि नगर निगम हमीरपुर के तहत नाले पर पहले केवल स्ट्रक्चर तैयार किया गया था। इसके बाद तीसरी मंजिल का निर्माण किया और भवन को सड़क के साथ जोड़ दिया। निर्माणकर्ता को नगर निगम ने नोटिस जारी कर काम बंद करने के निर्देश भी दिए, लेकिन निर्माणकर्ता की ओर से तीसरी मंजिल पर लेंटर डालने के बाद अब नक्शे को अप्रूव करवाने की कोशिश की जा रही है।
भवन का निर्माण नाले में किया गया है। मगर नक्शे के साथ लगाए गए दस्तावेजों में नाले को नाली दर्शाया गया है। ऐसे में नगर निगम के अधिकारियों ने निर्माणकर्ता से असली दस्तावेज मंगवाए हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि जो दस्तावेज में दर्शाया गया है, वह सही है या नहीं।
कोट
नाले पर तैयार भवन का नक्शा मंजूर करने के लिए आवेदन आया है। अभी इसे मंजूर नहीं किया है। नक्शे में नाले को नाली दर्शाया गया है। नगर निगम मामले पर नजर बनाए हुए है। नियमों से परे कोई भी कार्य नहीं किया जाएगा।
-राकेश कुमार शर्मा, आयुक्त, नगर निगम हमीरपुर