उपायुक्त मदन चौहान ने जिला टास्क फोर्स समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि ग्रीष्म और वर्षा ऋतु में जलजनित रोगों की ज्यादा संभावना रहती है।
इससे बचने के लिए स्कूलों की सुबह की सभाओं में बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करें जिससे डायरिया आदि बीमारियों से बचाव किया जा सके। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि स्कूलों में बच्चों को दी जा रही आयरन फॉलिक की गोलियों की सूचना स्वास्थ्य विभाग को दें।
शिक्षा विभाग स्वास्थ्य विभाग से आयरन की गोलियां लेते समय दवाई का बैच नंबर और एक्सपायर डेट अवश्य नोट करें। एक्सपायर होने पर स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट करना तय करें ताकि दवाइयां सही ढंग से नष्ट की जा सकें।
सीएमओ डॉ. सवित्री कटवाल ने बताया कि छोटे बच्चों के डायरिया की चपेट में आने की संभावना अधिक होती हैं जो मृत्यु का कारण तक बनती है। डायरिया से बच्चों में पानी की कमी होने पर ओआरएस का घोल देना चाहिए।
बच्चों को डायरिया से बचाने के लिए आशा वर्कर प्रत्येक घर में ओआरएस का एक-एक पैकेट दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिला में बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. सोनिका, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. अर्चना सोनी के अलावा समस्त खंड चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे।