हमीरपुर। राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन ने कुल्लू में एक निजी कंपनी को अनाधिकृत तौर पर मदद पहुंचाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने कहा कि उक्त कंपनी को नियमों को ताक पर रखकर अधिकारियों की मिलीभगत से आठ नवंबर 2014 को एचटी (हाइटेंशन) लाइन से कनेक्शन जारी कर दिया।
यह कनेक्शन बिजली कर्मचारियों से न करवाकर किसी निजी ठेकेदार से करवा दिया गया। जब बिजली कर्मचारियों और संबंधित जेई को पता चला तो इस विषय में संबंधित अधिशासी अभियंता और सहायक अभियंता से बात की। तब इन अधिकारियों ने कहा कि निजी कंपनी में मीटर लग चुका है, इनकी फाइल चली हुई है और कुछ समय के बाद स्थायी तौर पर कनेक्शन हो जाएगा। 10 माह के बाद उक्त कंपनी को लगभग 55 लाख रुपये का बिल जारी कर दिया गया और बाद में उक्त कंपनी को लगभग 31 लाख का बिल माफ कर दिया गया। जब यह मामला उजागर हुआ तो डिप्टी चीफ इंजीनियर प्रवेश ठाकुर की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया। इस जांच कमेटी ने घोटाले का पर्दाफाश करते हुए 16 जुलाई 2016 को बिजली बोर्ड लिमिटेड को अपनी रिपोर्ट सौंप दी। रिपोर्ट में बिजली बोर्ड के दो अधिकारियों ने ठेकेदार के साथ लाखों रुपये की डील की पुष्टि हुई। कमेटी ने संबंधित अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और एक ठेकेदार के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने और बिजली बोर्ड लिमिटेड के धन की वसूली करने के लिए पुलिस में एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की है। पांच फरवरी 2018 को चीफ इंजीनियर नॉर्थ जॉन धर्मशाला की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय एक और जांच कमेटी का गठन किया। इस कमेटी ने भी वर्ष 2018 में अपनी रिपोर्ट बिजली बोर्ड लिमिटेड को सौंपते हुए संबंधित अधिकारियों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का दोषी पाया और कार्रवाई करने की सिफारिश की। कुलदीप खरवाड़ा ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से हस्ताक्षेप कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।