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Hamirpur (Himachal) News: हॉस्टल से निकालने से पहले आरोपी छात्रों को अपना पक्ष रखने का मिलेगा मौका

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हमीरपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर में एमटेक के छात्र की संदिग्ध मौत और नशे का सेवन कर हुड़दंग मचाने के मामले में आरोपी पाए छात्रों को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के समक्ष व्यक्तिगत रूप से अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा। एनआईटी प्रशासन ने निर्णय लिया है कि हॉस्टल से निकालने से पूर्व आरोपित छात्रों का पक्ष भी सुना जाना आवश्यक है। आगामी सप्ताह तक आरोपी छात्रों को बोओडी के समक्ष तलब किया जा सकता है। चूंकि देरी की एक वजह यह भी है कि अभी बीटेक के दो छात्र वर्णित वर्मा और वरुण शर्मा हमीरपुर न्यायालय से 6 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में चल रहे हैं।
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न्यायालय से जमानत मिलने के बाद ही इन छात्रों पर होने वाली कार्रवाई के बारे में एनआईटी प्रशासन निर्णय ले पाएगा। एनआईटी हमीरपुर में 22 अक्तूबर को वार्षिक उत्सव हिलफेयर हुआ था। आरोप है कि उत्सव की रात कुछ विद्यार्थियों ने शराब, चरस और चिट्टा का सेवन किया था। 23 अक्तूबर की सुबह एमटेक प्रथम वर्ष का छात्र सूजल शर्मा अपने छात्रावास में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाया गया था। एनआईटी के अधिकारियों ने इसकी सूचना हमीरपुर पुलिस को दी। पुलिस ने भादंसं की धारा 304 और एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर बीटेक के दो छात्रों वर्णित वर्मा और वरुण शर्मा, नशा आपूर्तिकर्ता रजत शर्मा उर्फ गिफ्टी तथा इशांत राणा को गिरफ्तार किया था। यह चारों अभी न्यायिक हिरासत में हैं। वहीं पुलिस ने बीटेक के दो अन्य छात्रों सुशील मिश्रा और ओमर जमान को भी चरस के साथ गिरफ्तार किया था। तीन छात्र शराब के नशे में देर रात गांधी चौक और दो छात्राएं एनआईटी परिसर में घूमती नजर आईं थीं। एनआईटी ने करीब दस विद्यार्थियों की सूची तैयार की है, जो नशे के मामले में आरोपी हैं। इनमें से दो छात्राओं को गत दिवस उनका पक्ष जानने के बाद हॉस्टल से एक वर्ष के लिए निष्कासित किया जा चुका है। शेष आठ के खिलाफ कार्रवाई से पूर्व उनका पक्ष जाना जाएगा।

कोट्स
एनआईटी में करीब एक दर्जन छात्र नशे में हुड़दंग मचाने समेत अनुशासन तोड़ने के मामले में आरोपी पाए गए हैं। इन्हें बहुत जल्द बोओडी के समक्ष अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। इसके बाद इन्हें हॉस्टल से निकाले जाने से संबंधित आगामी निर्णय लिया जाएगा। अभी तक दो छात्राओं के अलावा अन्य किसी को हॉस्टल से नहीं निकाला है।
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-डॉ. अर्चना नानोटी, रजिस्ट्रार, एनआईटी हमीरपुर।
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