हमीरपुर। जिले के सबसे बड़े अस्पताल डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के ब्लड बैंक में मरीजों को ए पॉजिटिव खून नहीं मिल रहा है। बीते करीब तीन दिन से अस्पताल के ब्लड बैंक में मरीजों को इस वर्ग का खून नहीं मिल रहा है। उन्हें बाहर से मरीजों के लिए खून का इंतजाम करना पड़ रहा है। जिन लोगों के परिजनों का ब्लड ग्रुप मरीज से मेल खा रहा है, उन्हें तो फिर भी परिजनों से ही खून मिल जा रहा है, लेकिन जिन लोगों का ब्लड ग्रुप कोई और है या प्रवासी लोग हैं, जिनका कोई रिश्तेदार यहां नहीं है, उन्हें खून की व्यवस्था करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिले का एकमात्र ब्लड बैंक हमीरपुर में ही है और यहां भी खून की कमी पाई जा रही है। मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग विभाग में रोजाना औसतन 25 महिलाओं का प्रसव होता है। इनमें से आधी महिलाओं को खून की जरूरत भी पड़ती है। ब्लड बैंक में चल रही खून की कमी के चलते परिजनों को प्रसव से पूर्व ही परेशानी से जूझना पड़ रहा है और पहले से ही खून की व्यवस्था करनी पड़ रही है। नेशनल एड्स कंट्रोल प्रोग्राम के तहत खून की कमी होने पर ब्लड बैंक अधिकारी को ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन करना होता है, लेकिन यहां तीन दिन से खून की कमी है और रक्तदान शिविर का आयोजन नहीं हो पाया है।
इस संदर्भ में ब्लड बैंक अधिकारी डॉ. कविता का कहना है कि ए पॉजिटिव खून की कमी चल रही है। इस ग्रुप के अधिक मरीज होते हैं, जिससे इस ग्रुप की मांग भी अधिक है, इस कारण खून की कमी बनी हुई है।