हमीरपुर। साहब जी! क्या करिए... लोक पराणां खा...दे। तिन्नां रूटां पर इक्कोई बस भेजणा पौआ दी। कियां न कियां गुजारा चलाया। नहीं तां लोग नारेयां लगाणा लगी पौआ दे। हमीरपुर डिपो में कर्मचारियों के वर्क टू रूल सेवाएं देने से व्यवस्थाएं चरमरा गई है। शुक्रवार को करीब एक दर्जन रूट बंद रहे हैं। जबकि कई रूटों पर प्रबंधन द्वारा एक ही बस भेजी जा रही है। इससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को निगम को करीब 50 हजार रुपए की चपत लगी है। निर्धारित रूटों पर बसें न चलने से यात्रियों को पैदल सफर करने पर मजबूर होना पड़ा है।
शुक्रवार को वर्क टू रूल सेवाएं देने से करीब एक दर्जन रूट प्रभावित हुए हैं। इनमें सुबह पौने 7 बजे हमीरपुर से मढी, 9 बजे घोड़ी घबीरी, साढ़े 8 बजे हमीरपुर से मंडी, 12 बजे हमीरपुर से अवाहदेवी-जाहू, 12 बजे हमीरपुर से सिसवा जाहू, साढ़े 3 बजे हमीरपुर से कड़साई और चार बजे हमीरपुर से जाहू आदि रूटों पर निगम की बसें नहीं दौड़ी है। निर्धारित रूटों पर बसों के न चलने से निगम को करीब 50 हजार रुपए की चपत लगी है। वहीं यात्रियों में सुरेश कुमार, दीपक, प्रवीन कुमार, सुखदेव, रीना देवी, कौशल्या, अनिल कुमार, देशराज, करतार चंद, सुखदेई आदि का कहना है कि बसों के निर्धारित रूटों पर न चलने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एक ही स्टेशन पर चलने वाले दो तीन रूटों पर निगम की एक बस ही दौड़ाई जा रही है। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उधर, आरएम हमीरपुर अवतार सिंह का कहना है कि कर्मचारियों के वर्क टू रूल सेवाएं देने से रूट प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि कुछेक दो दो रूटों पर एक बस दौड़ाई जा रही है।