बड़सर (हमीरपुर)। हमीरपुर जिला की तहसील बड़सर के मुनीम की बनूड़ मंडी में हुई हत्या मामले में परिजनों ने दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि दस साल इमानदारी से सेवा करने पर मौत की सजा मिली है। बड़सर के नजदीक के गांव घुमारवीं में मुनीम (धनपत) का शव घर पहुंचते ही परिजन बिलख उठे। अंतिम संस्कार के समय क्षेत्र के काफी लोग जमा हो गए थे। बड़सर मुख्यालय के नजदीक गांव घुमारवीं का धनपत शर्मा उम्र 50 वर्ष करीब दस सालों से मोहाली के नजदीक बनूड़ में कन्हैया लाल माधो राम एंड कंपनी के पास मुनीम का कार्य करता था। धनपत के भाई जगदेव ने आरोप लगाया कि 21 नवंबर को मालिकों के बेटों ने मुनीम के साथ मारपीट की तथा हत्या कर दी। बाद में मामले को दबाने का प्रयास करने लगे। लेकिन इसकी भनक आसपास के लोगों को लग गई।
मामले को दबाने की मंशा से लाश को गाड़ी में डालकर 26 सेक्टर चंडीगढ़ पहुंच गए तथा मामले को दबाने के प्रयास में जुट गए। इसी बीच उसके भाई प्रीतम तथा रोशन लाल को घटना का पता चल गया तथा मौके पर पहुंच गए। मामला बिगड़ता देख लाश को गाड़ी में छोड़कर भाग गए। इसी बीच गांव से अन्य परिजन भी बनूड़ पहुंच गए। पुलिस ने गाड़ी को जब्त कर लिया तथा आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी है। पिता का साया उठने से परिवार पर मानों पहाड़ टूट गया है। धनपत के तीन बेटियां तथा एक बेटा है। धनपत की मौत के बाद पत्नी कमला देवी का हाल बेहाल है। बिझड़ी ब्लाक के चेयरमैन राजेंद्र बन्याल, बल्याह पंचायत उपप्रधान प्रवीण कुमार, मोहन लाल, अमर नाथ, नरेश कुमार सहित अन्य कई ग्रामीणों ने हत्यारों को गिरफ्तार करने तथा कड़ी सजा देने की मांग की है।