नादौन (हमीरपुर)। नादौन से मात्र दो किलो मीटर की दूरी पर ब्यास नदी के मध्य में स्थित सुरम्य रमणीक टापुओं पर अपना प्रवास काल बिताने के लिए विदेशी मेहमान परिंदों ने बल्ला टापू पर पहुंचना शुरू कर दिया है। सुबह सवेरे तथा शाम ढलते ही लंबी-लंबी लकीरों के रूप मे यह विदेशी मेहमान एक कलोल के साथ उड़ाने भरते उतर दिशा की ओर से हजारों की संख्या में यहां पहुंच रहे हैं। उड़ाने भरकर झुंडाें में आ रहे इन विदेशी मेहमानों द्वारा निकाली जा रही आवाजें पक्षी प्रेमियों के लिए मनोहारी हैं। बल्ला नामक टापू सदियों से उत्तर की ओर स्थित बर्फीले देशों चीन, रूस, कजाकिस्तान तथा मंगोलिया आदि से हजारों की संख्या में आने वाले इन विदेशी मेहमानों का पहला विश्राम स्थल रहा है। जहां पांच हजार से अधिक मील की यात्रा करने के बाद यह प्रवासी परिंदे कुछ दिनों तक अपनी थकान उतारते हैं। इनमें से कुछ परिंदे तो पौंग डैम आदि की ओर रवाना हो जाते हैं। जबकि भारी संख्या में इन दिनों पहुंचे यह विदेशी मेहमान सर्दियों का प्रवास काल काटते हैं। सर्दियां शुरू होते ही इनके अपने वतन में चारों ओर बर्फ होने के कारण आहार की कमी हो जाती है, और उस समय यह पक्षी यहां चले आते हैं। यह सिलसिला सदियों सदियों से चला आ रहा है।
इस बार भी भारी संख्या में ब्लैक हैड गुडीज, व्हाइट हैड गुडीज, क्रेन, सारस, हंस, मग, मुर्गावियां, श्याम बगुले, बगुलों सहित करीब एक दर्जन प्रजातियों के पक्षी यहां पहुंच रहे हैं, जो पर्यावरण प्रेमियों के लिए कौतूहल का विषय बन रहे हैं। इस पक्षी विहार के आसपास के गांवों कोहला, कल्लूर, कामलू, चामुक्खा कालेश्वर, कूहना, चंबा पत्तन, घलौर, शासन, टोरू, जिजल, लखवाल, भड़ोली कटियारा आदि के लोगों की मांग है कि इस स्थल को पर्यटन के रूप में उभारा जाए, ताकि क्षेत्र का विकास हो सके । उधर, एसडीएम नादौन विनय सिंह्र ने बताया कि सरकार को इस क्षेत्र के लोगों की भावनाओं से अवगत करवाया जाएगा, ताकि इस स्थल को सुरक्षित पक्षी विहार के रूप में उभारा जा सके।