हमीरपुर। शहरों में पटाखों की दुकानें खुले मैदानों में ही लगेंगी। बाजारों में पटाखों के भंडारण पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा। पटाखों की बिक्री के लिए पुलिस की ओर से स्थान चिह्नित किए गए हैं। चिह्नित स्थानों को छोड़कर बाजार में पटाखे बेचने वाले दुकानदारों का नियमानुसार चालान किया जाएगा। आगजनी की घटनाओं से बचने के लिए पुलिस प्रशासन ने खुले मैदानों में पटाखों के स्टाल लगवाने का निर्णय लिया है। शहरों में पटाखों और आतिशबाजी की खूब खरीददारी हो रही है।
लोकल की बजाय ब्रांडेड पटाखों को अधिक पसंद किया जा रहा है। बाजार में अलग-अलग पटाखों की करीब एक दर्जन आइटम्स मौजूद हैं। इनमें लक्ष्मी बम, राकेट बम, गट्ठू बम और मुर्गा छाप आदि को बच्चे काफी पसंद कर रहे हैं।
5 से 10 फीसदी बढ़े दाम
पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार पटाखों की कीमत में 5 से 10 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। विवेक कुमार, विनोद कुमार, सुरजीत सिंह, धर्मेंद्र आदि दुकानदारों का कहना है कि बच्चों में पटाखों को लेकर काफी उत्साह है।
युवाओं में क्रेज कम
युवा वर्ग में पटाखों को लेकर खास उत्साह नहीं है। युवा पटाखों की बजाय होम डेकोरेशन और फैंसी लाइट्स को तवज्जो दे रहे हैं। अमरीक सिंह, पंकज कुमार, विपिन कुमार, विजेंद्र कुमार आदि युवाओं का कहना है कि वे शगुन के तौर पर दीपावली के दिन ही कुछेक पटाखे खरीदकर जलाएंगे। वे फैंसी लाइट्स और होम डेकोरेशन का सामान खरीद रहे हैं।
शहरों में पटाखे बेचने के स्थान चिह्नित
जिला भर में पटाखे बेचने के लिए स्थान चिह्नित कर दिए गए हैं। हमीरपुर शहर में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के खेल मैदान, नादौन में खरीड़ी मैदान, सुजानपुर के चौगान में पटाखों के स्टाल लगेंगे।
बच्चों को अकेले पटाखे न जलाने दें : सीएमओ
सीएमओ डा. शशि सोनी ने लोगों से अपील की है कि बच्चों को अकेले पटाखे न जलाने दें। अभिभावक अपनी उपस्थिति में ही बच्चों को पटाखे जलाने की अनुमति दें। बच्चों को बड़े धमाके वाले पटाखों को न जलाने दें। छोटे पटाखे ही बच्चों को खरीदकर दें।