हमीरपुर। बर्फ की चादर से ढके धौलाधार क्षेत्र में पहली बार विभाग ने वन्य जीवों और पक्षियों की प्रजातियां जानने के लिए विशेषज्ञों के साथ सर्वे किया है। टीम में 35 सदस्य मौजूद रहे। यह टीम सर्वे करके लौट आई है। इसमें विभाग के अधिकारियों के साथ आठ राज्यों के विशेषज्ञ शामिल रहे। प्रदेश की दूसरी सबसे बड़ी वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में वनस्पति और पक्षियों पर सर्वे किया गया है। 10 दिन तक चले इस सर्वे में पक्षियों की विभिन्न प्रजातियां जानी गईं। इसमें वनस्पति विशेषज्ञ से लेकर पक्षी संरक्षण विशेषज्ञ पहुंचे हैं। टीम ने पैदल चलकर धौलाधार क्षेत्र को जाना। यह क्षेत्र आठ माह वर्ष की सफेद चादर में लिपटा रहता है। विशेषज्ञों की टीम बीड़, राजगुंधा, प्लाचक, मुल्थान आदि क्षेत्रों में पहुंचीं। धौलधार क्षेत्र में इस तरह का यह पहले सर्वे किया गया।
पक्षियों के संरक्षण को लेकर विभाग ने इस बड़े सर्वे को करवाने का निर्णय लिया। इस दौरान परिस्थितियों का पूरा आकलन कर इनकी डाक्यूमेंटरी भी तैयार की गई है। विशेषज्ञों की टीम में पश्चिम बंगाल से पक्षी विशेषज्ञ अरिंदम सिन्हा, तमिलनाडु से वनस्पति विशेषज्ञ मुथू दिवाकर, महाराष्ट्र से अभिषेक, विनोद कुमार, उत्तर प्रदेश से आर्ची सहगल, दिव्य द्विवेद, कशिश मदन, केरला से फरीद बीसी, महाराष्ट्र से किरण भीमारो, केरल से एलसाई आदित्या रेडी, हिमाचल से मनबिर, नेहा देवी और विशाल ठाकुर, उत्तराखंड से पूजा नॉटियाल, महराष्ट्र से प्राची पांडे और शिवम शर्मा, दिल्ली से प्रियदर्शन पांडे और टीके रॉय शामिल हैं। इनके साथ ही वन्य विभाग के कर्मचारी भी शामिल रहे। इस संबंध में वन्य जीव विभाग मंडल हमीरपुर डीएफओ कृष्ण कुमार ने कहा कि धौलाधार क्षेत्र का सर्वे किया गया है। इसमें आठ राज्यों के 17 विशेषज्ञ शामिल रहे। उन्होंने कहा कि इस सर्वे में वह खुद भी शामिल रहे।