हमीरपुर। लहड़ा चिट्टा मामले में मनी ट्रेल के जरिए पकड़ा गया आरोपी विशाल तेजी से पैसा कमाने की चाह में नशे के कारोबार की दुनिया में उतर गया था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि चंडीगढ़ में बाइक चलाने की मामूली कमाई से संतुष्ट न होकर उसने चिट्टे के धंधे को कमाई का जरिया बनाया और महज डेढ़ साल में लाखों रुपये का मालिक बन बैठा। सूत्रों के अनुसार विशाल ने शुरुआत महज दो हजार रुपये के चिट्टे से की थी।
पहली खेप बेचने पर हुए मुनाफे ने उसे इस धंधे में और गहराई तक धकेल दिया। धीरे-धीरे उसने पूरा नेटवर्क तैयार कर लिया और देखते ही देखते रोजाना हजारों रुपये का लेन-देन करने लगा। जांच में सामने आया है कि आरोपी के खातों से एक दिन में 70 से 90 हजार रुपये तक का ट्रांजेक्शन होता था।
पुलिस छानबीन में यह भी खुलासा हुआ है कि विशाल ने नशे के कारोबार से कमाए पैसों से लग्जरी जिंदगी जीना शुरू कर दी थी। उसने स्कॉर्पियो खरीदने के लिए करीब साढ़े आठ लाख रुपये की मार्जिन मनी तक जमा कर दी थी।
पुलिस की रडार पर होने के बावजूद वह पिछले डेढ़ साल तक गिरफ्त से दूर रहा। उसके खिलाफ पहले केवल मारपीट का एक मामला दर्ज था। बताया जा रहा है कि विशाल ने 18 साल की उम्र में ही चिट्टे के कारोबार में कदम रख दिया था।
कम समय में मोटी कमाई ने उसे इस कद्र जकड़ लिया कि वह पूरे नेटवर्क का अहम चेहरा बन गया। सूत्रों की मानें तो उसने लाखों रुपये अपने करीबी रिश्तेदार को भी दिए, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
कोट
पुलिस मामले की गहन छानबीन कर रही है। जांच में आरोपी के खातों से लाखों रुपये के लेन-देन का पता चला है। अन्य पहलुओं पर भी जांच जारी है।
- बलबीर सिंह, एसपी हमीरपुर