हमीरपुर। चुनावी मौसम में बड़े ओहदों पर बिठाए नेताओं का नई सरकार बनने के बाद कुर्सी बचती है या नहीं देखना दिलचस्प रहेगा। भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों ने विस चुनाव से पूर्व प्रदेश के कई जिले में किसी को प्रवक्ता तो किसी को महामंत्री, चुनाव क्षेत्र प्रभारी व सचिव पद से नवाजा था। दोनों दलों ने हर संसदीय क्षेत्र में करीब एक दर्जन कार्यकर्ताओं को बड़ी जिम्मेवारी से नवाजा था। अधिकतर पदाधिकारियों के क्षेत्र में संबंधित राजनैतिक दलों के प्रत्याशियों को विधानसभा चुनाव में पराजय का सामना करना पड़ा है। हार का सामने करने वाले पार्टी प्रत्याशियों ने विधानसभा चुनावों की समीक्षा भी शुरू कर दी है।
माना जा रहा है कि पार्टी में नई जिम्मेदारी मिलने के बावजूद कुछ मतदान केंद्रों पर पार्टी प्रत्याशियों को अपेक्षा के अनुरूप न तो मत मिले हैं और न बढ़त मिली। हमीरपुर में दीपक शर्मा को भाजपा ने संसदीय क्षेत्र का प्रवक्ता बनाया था। वहीं भोरंज विधानसभा सीट से कांग्रेस पार्टी से टिकट के दावेदार प्रेम कौशल को कांग्रेस ने पार्टी का प्रवक्ता बनाया। इन दोनों की नियुक्ति प्रदेश के अन्य पदाधिकारियों की तरह चुनाव से कुछ दिन पूर्व हुई थी। इसी तरह जिले में कुछ कार्यकर्ताओं को प्रभारी, बूथ अध्यक्ष, केंद्र अध्यक्ष, महामंत्री समेत कई ओहदे मिले थे। विस क्षेत्र हमीरपुर से नरेंद्र ठाकुर और भोरंज से कमलेश कुमारी बीजेपी के दो प्रत्याशी चुनाव जीते, जबकि कांग्रेस के राजेंद्र राणा सुजानपुर, इंद्रदत्त लखनपाल बड़सर से और सुखविंद्र सिंह सुक्खू नादौन सीट से चुनाव जीते हैं। हमीरपुर में बीजेपी को तीन सीटों पर, जबकि कांग्रेस को दो सीटों पर नुकसान हुआ। अब देखना दिलचस्प रहेगा कि चुनाव से पहले ओहदा संभालने वालों को भविष्य में क्या जिम्मेवारी मिलती है। उधर, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नरेश ठाकुर ने कहा कि विस चुनावों से पहले कई कार्यकर्ताओं को नए ओहदे दिए गए हैं। जिन विस क्षेत्रों में कांग्रेस हारी है, वहां समीक्षा होगी।