हमीरपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर के मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय डॉक्टोरल शोध सम्मेलन (डीआरएनसी 2024) अन्वेषा का बुधवार को समापन हुआ।
सम्मेलन में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के शोधार्थी सौरभ ने यूपीआई से वित्तीय लेनदेन प्रारदर्शिता से कालेधन की चोट विषय पर शोधपत्र में पेश किया। इस शोधपत्र से खुलासा हुआ है कि डिजिटल बैंकिंग व्यवस्था लागू से देश की कर व्यवस्था मजबूत हुई है।
प्राकृतिक खेती की चुनौतियों और फायदे भी शोधपत्र के जरिये पेश किए गए है। इस सम्मेलन में अर्थशास्त्र, प्रबंधन, अंग्रेजी साहित्य, मनोविज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान सहित विभिन्न विषयों में 75 से अधिक शोधपत्र प्रस्तुत किए गए।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि एनआईटी के निदेशक एचएम सूर्यवंशी उपस्थित रहे। इनमें से 10 सत्र प्रत्यक्ष रूप से तथा 2 सत्र ऑनलाइन माध्यम से आयोजित किए गए। वहीं, पंजाब कृषि विश्वविद्यालय की शोधार्थी आइरिन दास ने स्कूली विद्यार्थियों के उत्पीड़न पर शोध पत्र पेश किया गया। इस शोध पत्र का स्टडी एरिया असम के सरकारी और गैर सरकारी स्कूल थे। शोध में पाया गया है कि को-एजुकेशन शैक्षिकण संस्थानों में छात्र और छात्राओं दोनों की वर्ग में यह उत्पीड़न हो रहा है। शोधपत्र में इसका समाधान अभिभावकों बच्चों के साथ मैत्रीपूर्ण व्यवहार बताया गया है।
इसके अलावा एचपीयू की शोधार्थी लक्षण ने ट्रांसजेंडर को पेश आने वाले सामाजिक समस्याओं को लेकर शोधपत्र पेश किया। इस सेमिनार से 25 के करीब चुनिंदा शोधपत्रों को अंतरराष्ट्रीय स्कोपश इंडेक्स जरनल में प्रकाशित करने के लिए भेजा जाएगा।
इस राष्ट्रीय सेमिनार में केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश, केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू, केंद्रीय विश्वविद्यालय कर्नाटक, केंद्रीय विश्वविद्यालय पंजाब, गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, आईआईआईटी नया रायपुर, एनआईटी वारंगल, पंजाब विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय, लखनऊ विश्वविद्यालय, वेल्लोर प्रौद्योगिकी संस्थान से प्रतिभागी शामिल हुए हैं। इस मौके डीन फैकल्टी वैल्फेयर अनूप कुमार भी मौजूद रहे।