दियोटसिद्ध (हमीरपुर)। उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ ट्रस्ट में बकरा नीलामी मामले में प्रशासन ने विजिलेंस जांच की सिफारिश की है। मंदिर न्यास के आयुक्त डीसी हमीरपुर अमरजीत सिंह बुधवार को मंदिर परिसर में व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे थे।
इस दौरान उन्होंने मंदिर व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई है। उन्होंने मौके पर अधिकारियों को व्यवस्थाओं को दुरस्त करने के आदेश दिए हैं। विजिलेंस जांच की सिफारिश के लिए बकायदा विजिलेंस के एसपी मंडी को मंदिर न्यास के चेयरमैन एवं बड़सर एसडीएम राजेंद्र गौतम की ओर से पत्र लिखा गया है। मामले में श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष जांच का आग्रह किया गया, ताकि जांच किसी भी तरह से प्रभावित न हो। गौर हो कि बीते शनिवार को मंदिर ट्रस्ट की ओर से 31 बकरों की नीलामी की गई थी। इस नीलामी से कुल 60 हजार रुपये की आमदन हुई थी।
नीलामी पर सवाल उठने के बाद नीलामी करवाने वाले कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में विभागीय जांच का जिम्मा तहसीदार बड़सर धर्मपाल नेगी को सौंपा गया है। इस जांच के बीच ही विजिलेंस जांच की सिफारिश की गई है। मंदिर न्यास के चेयरमैन एवं एसडीएम बड़सर राजेंद्र गौतम ने कहा कि मामले में विभागीय जांच जारी है। जांच अधिकारी से रिपोर्ट मिलने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले की विजिलेंस जांच के लिए एसपी विजिलेंस मंडी को पत्र लिखा है।
अवैध राशन बिक्री मामले में जांच जल्द पूरी करने के आदेश
डीसी हमीरपुर अमरजीत सिंह ने मंदिर में व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान जुलाई माह में सामने आए अवैध राशन बिक्री मामले की जल्द जांच के आदेश दिए हैं। इस मामले में पुलिस ने एफआईआर के बाद तीन लोगों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल कर दी है, लेकिन अभी तक विभागीय जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। इस जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाना बाकी है।
कोट
मंदिर ट्रस्ट के आयुक्त एवं डीसी हमीरपुर अमरजीत सिंह का कहना है कि विजिलेंस जांच की सिफारिश एसडीएम बड़सर की ओर से की गई है। इसके लिए विजिलेंस को पत्र लिखा गया है।