हमीरपुर। विधानसभा क्षेत्र नादौन की डोडण पंचायत में प्रस्तावित जिले की पहली हैचरी के निर्माण के भूमि हस्तातंरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। मत्स्य विभाग जिले में पहली सरकारी हैचरी का निर्माण के लिए 75 कनाल भूमि में होगा।
विभाग की ओर से डीसी हमीरपुर को यह केस सौंपा गया था और अब उपायुक्त कार्यालय से जमीन की फाइल मंडलायुक्त मंडी को भेज दिया गया है। वहां से स्वीकृति मिलते ही हैचरी के निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। हमीरपुर जिला में सरकारी क्षेत्र में यह पहली हैचरी होगी।
प्रदेश के अन्य जिलों में सरकारी हैचरी हैं, लेकिन अब हमीरपुर जिला में हैचरी निर्माण से स्थानीय लोगों को लाभ मिल सकेगा। युवा वर्ग को मत्स्य पालन से स्वरोजगार के साधन विकसित होंगे। इससे क्षेत्र के युवाओं की आर्थिकी भी सुदृढ़ होगी। हैचरी में जिले के मछुआरों को बेहतर किस्म की मछलियों के बीज प्रदान किए जाने की सुविधा रहेगी।
वरिष्ठ मत्स्य अधिकारी हमीरपुर अजय कुलदीप ने कहा कि 75 कनाल भूमि हैचरी के लिए चिहिन्त की गई। हैचरी के निर्माण से यहां पर मत्स्य पालन की संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा और युवा मत्स्य के क्षेत्र में स्वरोजगार से जुड़ेंगे।
उधर, डीसी हमीरपुर अमरजीत सिंह ने कहा कि हैचरी के चिहिन्त भूमि का केस डीसी कार्यालय हमीरपुर से मंडलायुक्त को प्रेषित कर दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही हैचरी निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
धौलासिद्ध डैम में मछली उत्पादन को लगेंगे पंख
जिले में धौलासिद्ध प्रोजेक्ट का डैम बनने से मछली के बीज की मांग काफी बढ़ने के आसार हैं। विभाग डोडण हैचरी में तैयार किए जाने वाले बीज को जहां जिले के मछुआरों को सस्ती दरों पर उपलब्ध करवाएगा। इससे धौलासिद्ध प्रोजेक्ट के डैम में भी मछलियों के बीज को और अधिक मात्रा में डालने की सुविधा मिलेगी।