हमीरपुर। जिला के बंद हो चुके एक निजी बहुतकनीकी महाविद्यालय के प्रशिक्षुओं की क्रमिक भूख हड़ताल शुक्रवार को दूसरे दिन 40 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी जारी रही। बिना पुलिस सुरक्षा वीरवार की रात करीब एक दर्जन से अधिक छात्राओं ने खुले आसमान के नीच रात बिताई। दूसरे दिन भूख हड़ताल पर दो छात्राएं और एक छात्र बैठा। वहीं पूरा दिन छात्रों ने उपायुक्त कार्यालय हमीरपुर के बाहर जोरदार नारेबाजी की और प्रदर्शन किया। वहीं शुक्रवार को जिला प्रशासन ने जिला अस्पताल से चिकित्सकों की टीम बुलाकर हड़ताली छात्र-छात्राओं का मेडिकल करवाया।
अतिरिक्त उपायुक्त हमीरपुर रतन गौतम और एसडीएम अरिंदम चौधरी ने प्रशिक्षुओं की समस्याएं सुनीं और प्रधान सचिव तकनीकी शिक्षा को इस बारे में जानकारी दी। प्रशिक्षुओं ने महाविद्यालय के एमडी से मिलने की गुहार जिला प्रशासन से की। इस पर जिला प्रशासन ने एमडी को छात्रों को मिलने के लिए पुलिस की सिक्यारिटी के साथ भेजा। मौके पर पहुंचे एमडी को देख छात्रों का प्रदर्शन और उग्र हुआ। वहीं एमडी ने छात्रों को 22 मई तक कॉलेज के दोबारा खुलने का एक एफिडेविट बनाकर दिया। लेकिन छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल नहीं तोड़ी। छात्रों का कहना है कि तकनीकी शिक्षा बोर्ड उक्त कॉलेज के छात्रों की परीक्षा लेने से मना कर रहा है। महाविद्यालय प्रबंधन और कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक व प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड के बीच चल रहे विवाद के कारण इस महाविद्यालय को 9 फरवरी 2018 को बंद किया जा चुका है। जिसके चलते बीते तीन महीने से इन प्रशिक्षु छात्रों की कॉलेज में पढ़ाई ठप पड़ी हुई है। इस महाविद्यालय में शिक्षा हासिल करने वाले विद्यार्थियों को किसी दूसरे महाविद्यालय में भी शिफ्ट नहीं किया जा सका है।
विद्यार्थियों का कहना है कि इस महाविद्यालय में ताला लगाते समय प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड और बैंक प्रबंधन ने इस महाविद्यालय में पढ़ने वाले प्रशिक्षुओं के भविष्य पर जरा भी ध्यान नहीं दिया। महाविद्यालय की प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं मुस्कान, रीना, आंचल, नेहा, सोनाली, ज्योति, नेहा रानी, प्रीति, विनय, काजल, अश्वनी कुमार ने कहा कि वह इस संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से भी मिले, लेकिन उनकी तरफ से भी अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। उन्होंने कहा कि उनके अगले माह से पेपर शुरू होने वाले हैं, लेकिन किसी को कोई परवाह नहीं है। इस मौके पर छात्रों के साथ भारत की जनवादी नौजवान सभा के सदस्य और एसएफआई इकाई के सदस्य भी मौजूद रहे।