हमीरपुर। जिला हमीरपुर में बहुमंजिला भवन मालिक टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के नियमों को सरेआम ठेंगा दिखा रहे हैं। बहुमंजिला भवन निर्माण के समय नक्शे में अधिकतर भवन मालिकों ने धरातल मंजिल को पार्किंग दिखाकर नक्शों को पास करवाया हुआ है। लेकिन बिजली और पानी के मीटर लगने के बाद पार्किंग में रेस्टोरेंट, होटल के रिसेप्शन और कुछेक में दुकानें चल रही हैं। भवन निर्माण नियमों के तहत होटल व रेस्टोरेंट समेत बहुमंजिला कमर्शियल भवनों की धरातल में पार्किंग और वर्षा जल संग्रहण टैंक का होना अनिवार्य है। वहीं सरकारी रिकॉर्ड में तो जिला के सभी होटल, रेस्टोरेंट समेत शॉपिंग कांप्लेक्स मालिकों ने धरातल को पार्किंग दिखाया है, लेकिन हकीकत अब इससे बिलकुल विपरीत है।
जिला में शायद चुनिंदा होटल ही होंगे, जिनकी धरातल मंजिल पर पार्किंग चल रही है। जबकि शेष होटल मालिक और शॉपिंग कांप्लेक्स के मालिक पार्किंग में कारोबार कर मोटी कमाई कर रहे हैं। इसके अलावा कई बहुमंजिला भवनों में कोचिंग व ट्यूशन सेंटर, बैंक, इंश्योरेंस, दुकानों के अलावा कई तरह के निजी कंपनियों के दफ्तर चल रहे हैं। लेकिन बहुमंजिला में खुले दर्जनों कार्यालयों के कर्मचारियों और इन कार्यालयों में आने वाले लोगों के वाहन सड़क किनारे खड़े हो रहे हैं। जिससे आए दिन ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा हो रही है। वहीं कार्रवाई के नाम पर नगर परिषद और टीसीपी विभाग ने आंखें मूंद रखी हैं। लोगों सुनील ठाकुर, प्रदीप शर्मा और जगजीत सिंह ने बताया कि राजनीतिक संरक्षण के चलते अधिकतर होटल व बहुमंजिला भवन मालिकों पर कार्रवाई नहीं हो रही। वहीं नगर परिषद हमीरपुर के ईओ विनोद कुमार शर्मा ने कहा कि कमर्शियल बहुमंजिला भवनों में पार्किंग का होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि अगर कोई भवन मालिक नियमों की अवहेलना करता है तो निमयानुसार नोटिस भेज कार्रवाई होगी।