डीसीपी मुंबई बनकर दिखाया गैंगस्टर से संपर्क, ठगे पांच लाख
व्यक्ति ने झांसे में आकर एफडी तुड़वाकर शातिर के खाते में जमा करवाए पैसे
पुलिस के जरिये विभिन्न मामलों में 10 करोड़ की राशि पीड़ितों को वापस मिली
साइबर पोर्टल पर शिकायत के बाद करोड़ों रुपये बैंक खातों में किए फ्रीज
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिले में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पिछले तीन साल में 105 करोड़ की ठगी साइबर फ्राॅड के जरिये हुई है। साइबर अपराध के जिले में ऑनलाइन साइबर अपराध पोर्टल और विभिन्न थानों में 703 मामले दर्ज हुए हैं। हाल ही में एक व्यक्ति से गैंगस्टर से संपर्क होने का खौफ दिखाकर ठगी की गई। व्यक्ति को ऐसा दर्शाया गया है कि उसका मुंबई के किसी गैंगस्टर से संपर्क है और उस पर बड़ी पुलिस कार्रवाई तय है। व्यक्ति ने कार्रवाई से बचने के लिए पांच लाख रुपये शातिर के खाते में जमा करवा दिए और इसके लिए अपनी बैंक एफडी तक तुड़वा दी। शातिर ने यह ठगी मुंबई का डीसीपी बनकर अंजाम दी है। एसपी हमीरपुर भगत सिंह ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता में यह खुलासा किया। उन्होंने कहा कि शातिर इन दिनों ठगी के नए-नए तरीके ईजाद कर रहे हैं। उन्होंने पिछले तीन साल के साइबर ठगी के मामले भी सार्वजनिक किए। कहा कि वर्तमान दौर में ड्रग और साइबर फ्राॅड ही सबसे बड़ी चुनौती है। कस्टम में तोहफे क्लीयर करवाने से लेकर, नौकरी लगाने के झांसे और एक दम से पैसे दोगुना करने के झांसे लोगों को दिए जा रहे हैं। यहां तक ही प्रसूता महिलाओं को सरकारी राशि उनके बैंक खाते में डालने के नाम पर ठगा जा रहा है। अधिकतर फ्राॅड मोबाइल पर ओटीपी को साझा करने के बाद सामने आ रहे हैं। ऐसे में लोग बैंक खातों से जुड़े मोबाइल नंबर पर ओटीपी ऑनलाइन किसी से शेयर न करें। एआई की मदद से रिश्तेदारों की आवाज और वीडियो तक को कॉपी कर ठगी की जा रही है। अपने रिश्तेदारों को पैसा ऑनलाइन भेजने से पहले सतर्कता बरतें। साइबर फ्राॅड का शिकार होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।
साइबर सेल टीम गठित
एसपी हमीरपुर भगत सिंह ने कहा कि जिले में साइबर सेल की टीम भी गठित कर ली गई है। यह टीम पूर्ण रूप से साइबर अपराध से जुड़े हुए मामलों की जांच करेगी। इस टीम का साइबर थाना मंडी में प्रशिक्षण भी हुआ है। लोग जिला साइबर सेल से 01972 222053 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। जल्द ही इस तीन सदस्यीय टीम से मोबाइल के जरिये 24 घंटे संपर्क की सुविधा दी जाएगी। जिला के विभिन्न थानों में साल 2022 में 17 शिकायतों से 1.17 करोड़, 2023 में 19 शिकायतें से 1.38 करोड़ और 2024 में अब तक 13 शिकायतों से 328 लाख की ठगी रिपोर्ट हुई है।
ऑनलाइन साइबर अपराध पोर्टल के माध्यम से प्राप्त आंकड़े
साल
शिकायत
ठगी की राशि
वापस लौटाया पैसा
2022
66
08 करोड़
60.32 लाख
2023
304
41 करोड़
3 करोड़ 91 लाख
2024
284
53 करोड़
5 करोड़ 81 लाख