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दूसरे नवरात्र पर दियोटसिद्ध में सात हजार श्रद्धालु नतमस्तक

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बिझड़ी (हमीरपुर)। बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में दूसरे नवरात्र पर रविवार को सात हजार श्रद्धालुओं ने बाबा का आशीर्वाद लिया। मंदिर खुलने के बाद ज्येष्ठ रविवार को सबसे ज्यादा श्रद्धालु बाबा के दरबार पहुंचे। कोरोनासंकट के चलते मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं को प्रशासन ने चबूतरे से ही दर्शन करवाए। बाबा के धूने और गुफा के पास जाने की किसी को इजाजत नहीं है। श्रद्धालु लंगर भवन के पास चरण पादुका के दर्शन कर सकते हैं। इसके अलावा श्रद्धालु दूर से ही बाबा के गुफा के दर्शन कर रहे हैं। प्रशासन की तरफ से श्रद्धालुओं को यह छूट दी गई है कि वे अपने हाथों में रोट व प्रसाद ले जा सकते हैं लेकिन, रोट चढ़ाएंगे नहीं। दूर से ही उसका भोग लगाकर घर ले जा सकते हैं। प्रदेश के साथ-साथ काफी संख्या में श्रद्धालु अन्य राज्यों से भी पहुंचे थे। मंदिर अधिकारी कृष्ण कुमार ठाकुर का कहना है कि ज्येष्ठ रविवार होने के चलते श्रद्धालु काफी संख्या में बाबा के दरबार पहुंचे। सरकार की ओर से जारी एसओपी के तहत श्रद्धालुओं को दर्शन करवाए जा रहे हैं। ज्येष्ठ रविवार के चलते एक ही दिन में बाबा बालक नाथ दियोटसिद्ध मंदिर में 7000 श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। इसमें 5000 पुरुष और दो हजार के करीब महिला श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
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असंपादित
ज्येष्ठ रविवार व नवरात्रे पर दियोटसिद्ध में सात हजार श्रद्धालुओं ने टेका माथा
चबूतरे से ही बाबा की गुफा के दर्शन कर पा रहे श्रद्धालु, प्रसाद भी दूर से ही चढ़ा रहे
मंदिर खुलने के बाद रविवार को उमड़ी सबसे ज्यादा भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
बिझड़ी(हमीरपुर)। बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में दूसरे नवरात्रे और जयेष्ठ रविवार होने के चलते श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ गया। उत्तरी भारत के प्रसिद्ध शक्ति पीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में ज्येष्ठ रविवार के दिन करीब सात हजार श्रद्धालु माथा टेकने पहुंचे। जब से मंदिर खुले हैं तब से लेकर रविवार तक इतने श्रद्धालु नहीं आए। मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं को प्रशासन ने चबूतरे से ही दर्शन करवाए। फिलहाल बाबा के धूने व गुफा के पास जाने की किसी को इजाजत नहीं है। श्रद्धालु लंगर भवन के पास चरण पादुका के दर्शन कर सकते हैं। इसके अलावा श्रद्धालु दूर से ही बाबा के गुफा के दर्शन कर रहे हैं। प्रशासन की तरफ से श्रद्धालुओं को यह छूट दी गई है कि वे अपने हाथों में रोट व प्रसाद ले जा सकते हैं।
लेकिन रोट प्रसाद चढ़ाएंगे नहीं। बल्कि दूर से ही उसका भोग लगाकर घर ले जा सकते हैं। प्रदेश के साथ-साथ भारी संख्या में श्रद्धालु अन्य राज्यों से भी पहुंचे थे। मंदिर अधिकारी कृष्ण कुमार ठाकुर का कहना है कि ज्येष्ठ रविवार होने के चलते श्रद्धालु अच्छी खासी संख्या में पहुंचे थे। सरकार द्वारा जारी एसओपी के तहत श्रद्धालुओं को दर्शन करवाए जा रहे हैं। फिलहाल गुफा के पास किसी भी श्रद्धालु को जाने की इजाजत नहीं है। सामने चबूतरे से ही दर्शन करवाए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं को अपने हाथों में रोट प्रसाद ले जाने की इजाजत है। उसको दूर से ही बाबा को भोग लगाकर अपने घरों को ले जा ले जा सकते हैं। ज्येष्ठ रविवार के चलते एक ही दिन में बाबा बालक नाथ दियोटसिद्ध मंदिर में 7000 श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। जिसमें 5000 पुरुष व दो हजार के करीब महिला श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
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