भोरंज (हमीरपुर)। उपमंडल भोरंज में बाहर से आने वाले प्रवासी मजदूर और फेरीवाले बिना किसी पहचान पत्र के ही सामान बेच रहे हैं। कोरोना संकटकाल में ये लोग बेखौफ होकर घूम रहे हैं। बाहरी राज्यों से आने वाले इन प्रवासी मजदूरों व फेरीवालों को क्वारंटीन भी नहीं किया जा रहा, जिस कारण संक्रमण के फैलने का खतरा बना हुआ है। ये लोग टोल टैक्स बैरियरों से भी आसानी से अपना सामान निकाल रहे हैं और गांव-गांव में जाकर कंबल, कुर्सियां, गद्दे, खिलौने, सूट, कॉस्मेटिक, प्लास्टिक का सामान आदि बेच रहे हैं।
स्थानीय लोगों और पंचायत प्रतिनिधियों में जागरूकता की कमी के चलते बिना बिल के ही सामान खरीदा जा रहा है। न तो इन फेरीवालों के पास कोई बिल होता है और न ही पहचान पत्र जो क्षेत्रीय पुलिस थाने से बनता है। लोगों में लक्की, बबलू, भोरंज के प्रधान गरीब दास, ग्राम पंचायत प्रधान हनोह कांता देवी, उपप्रधान हुकम चंद, रत्न चंद, रमित, यशवंत, विनय, राजू, टेक चंद, संजीव, धर्म चंद, बलवीर शर्मा, संजय, भरेड़ी के व्यापार मंडल के प्रधान अरुण कुमार अरोड़ा, सचिव करम चंद सहगल आदि ने मांग की है कि बाहर से आने वाले इन फेरीवालों पर शिकंजा कसा जाए तथा इनकी प्रदेश में आने से पूर्व पूरी जांच पड़ताल की जाए। कुछ दिन पूर्व खरवाड़ पंचायत में भी ऐसे ही एक सामान बेचने वाले को स्थानीय लोगों ने पूछताछ के लिए रोको तो उसके पास स्थानीय पुलिस थाने से बना पहचान पत्र नहीं था। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने की मांग की है