अवाहदेवी (हमीरपुर)। समीरपुर में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के आवास पर वीरवार को सुबह सवेरे भारी पुलिस बल तैनात देख लोग हक्के-बक्के रह गए। लोग आस-पड़ोस में टेलीफोन कर पुलिस की तैनाती के बारे में पूछताछ करने लगे। बाद में पता चला कि युवा कांग्रेस के समीरपुर स्थित सांसद अनुराग ठाकुर के घेराव कार्यक्रम के चलते जिला प्रशासन ने इलाके के पांच किलोमीटर दायरे में सीआरपीसी की धारा 144 लागू कर दी है। जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
लोगों में कश्मीर सिंह, अशोक कुमार, रोहित, सुनील कुमार, परमजीत और शंकुतला देवी ने बताया कि जिला प्रशासन को इस संदर्भ में एक दिन पूर्व नियमों के तहत सूचना देनी चाहिए थी। ताकि, लोग पुलिस को देखकर भयभीत न होते। धारा 144 के बारे में बाकायदा उचित तरीके से अधिसूचना जारी होती है और लोगों को सूचना देना अनिवार्य होता है। सांसद अनुराग ठाकुर का आवास जालंधर-अंब-नादौन-हमीरपुर-समीरपुर-धर्मपुर नेशनल हाईवे के तहत आता है। धारा 144 लागू होने और पुलिस नाके के दौरान जब युवा कांग्रेस कार्यकर्ता सैकड़ों की संख्या में समीरपुर के झनिक्कर पहुंचे तो करीब डेढ़ घंटे तक पुलिस और युकां कार्यकर्ताओं के बीच धक्का मुक्की होती रही। इससे नेशनल हाईवे से आने जाने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। एचआरटीसी की बसों के अलावा निजी बसें और अन्य वाहन जाम में फंसे रहे। नेशनल हाईवे-70 पर इस तरह के सियासी ड्रामे के कारण स्थानीय लोगों के साथ मंडी जिले के लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि पुलिस ने बीच-बीच में ट्रैफिक बहाल किया। उधर, कांग्रेस विधायक राजेंद्र राणा ने सवाल उठाते हुए कहा कि दशकों बाद इस तरह इलाके में कर्फ्यू जैसा माहौल बनाकर लोगों की भावनों के साथ खिलवाड़ किया गया है। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश के तीन सांसदों का घेराव हुआ तो वहां इस तरह धारा 144 लागू नहीं हुई।
कानून व्यवस्था न बिगड़े इसलिए लगाई 144 : डीसी
उधर, उपायुक्त हमीरपुर डॉ. रिचा वर्मा ने कहा कि क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसडीएम ने धारा 144 लागू की थी। उन्होंने माना कि धारा 144 के बारे में उचित तरीके से लोगों को सूचना दी जाती है। उपायुक्त ने कहा कि यह कर्फ्यू नहीं था। स्थानीय लोगों को आने जाने से नहीं रोका गया।